महराजगंज/रायबरेली: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही चुनाव की तैयारी गांवों में पूरी तरह से शुरू कर दी गई है। गांव के संभावित प्रत्याशी गांव के मजरों में पहुंच रहे हैं। लुभावनी लच्छेदार बातें और लंबी दुआ पैलगी चल रही है। संभावित प्रत्याशी घूम-घूमकर सरकारी योजनाओं से भी लाभान्वित कराने का वादा कर रहे हैं।
आपको बता दें कि, विकास खंड महराजगंज में कुल 53 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों के लिए जहां प्रधानों का चुनाव कराया जाना है, वहीं क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का भी चुनाव होना है। इसके लिए गांव में संभावित प्रत्याशी अपने-अपने गांवों में खानपान की पूरी व्यवस्था शुरू कर दिया है, साथ ही गांव के गरीबों को राशन का वितरण कराकर चुनाव अपने मनमाफिक कराने की जुगाड़ में पूरी तरह से जुट गए हैं। निवर्तमान के ग्राम प्रधानों को ज्यादातर उम्मीदवार उनके द्वारा कराए गए कार्यों को लेकर घेरने में जुटे हुए हैं।
लागू किए गए आरक्षण को लेकर वोटर और प्रत्याशी लगा रहे धांधली का आरोप: ग्राम प्रधान से लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले लोगों में जब तक आरक्षण की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक उनमें संशय है। कुछ चुनाव लड़ने वाले लोगों ने बताया कि, अगर आरक्षण में पुरुष की जगह महिला सीट होगी, तो भी चुनाव लड़ना पूरी तरह से तय है। क्योंकि महिला की सीट से घर की महिलाओं को प्रत्याशी बनाकर चुनाव लड़ाया जाएगा।
अब गांवों में लगने लगा है गवंई नेताओं का डेरा: जैसे ही त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर आरक्षण लागू हुआ, तब से लेकर अब तक प्रतिदिन गांव में चुनाव लड़ने वाले सूरमाओं का डेरा पूरी तरह से गांव में लग गया है। वर्तमान प्रधानों की कमियों को उजागर करना और उसे ग्रामीणों तक पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। इससे मतदाताओं को अब लोग अपने पाले में करने के लिए पूरी जी जान से लग गए हैं। बताया तो यहां तक गया कि, गांव के बीमारों को अस्पताल पहुंचाना, तथा गांव में झगड़ा लड़ाई होने पर थाने तक की पैरवी के साथ ही मतदाताओं के हर सुख दुख को लेकर प्रत्याशी अपनी-अपनी कमर कसे हुए हैं।

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