लेखपाल का किसानो से अभद्रता शाक्ती पूर्वक आवास ढ़हाने का मामला पकड़ रहा तूल

 

🔘कोर्ट में लंबित मामले के बावजूद तानाशाह लेखपाल की मनमानी के सामने डीएम व एसडीएम के आदेश नहीं रखते मायने।

🔘एसडीएम ने कहा जांच के बाद दोषी पाए गए लोगों पर होगी कड़ी कार्यवाही, पीड़ित को मिलेगा न्याय।

🔘डीएम ने मामले को लिया संज्ञान विवादों में घिरे लेखपाल अंतरिक्ष पांडेय हुए सस्पेंड।

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: तहसील क्षेत्र के बछरावां विकास खंड के बिशुनपुर (बछरावां देहात) ग्रामसभा में तैनात लेखपाल अंतरिक्ष पांडेय एक मामले को लेकर सस्पेंड कर दिए गए हैं। आरोप है कि, लेखपाल अंतरिक्ष पांडेय द्वारा निरंतर किसानों पर अत्याचार किया जा रहा था। दबंग लेखपाल द्वारा विगत दिनों हल्के के किसानों पर किए गए अत्याचार का मामला थमने की बजाय तूल पकड़ता जा रहा है। 

    आपको बता दें कि, राम प्रबोध 60 पुत्र श्रीराम सिंह निवासी-ग्राम व पोस्ट- बिशुनपुर ने बताया कि, उनका आवास-गाटा संख्या- 2495 में आजादी के पहले का बना था। जिसको हल्का लेखपाल अंतरिक्ष पांडेय महराजगंज ने विगत 13 मार्च 2021 को दोपहर के समय जेसीबी मशीन के द्वारा शक्ति पूर्वक गिरवा दिया गया। जब पीड़ित राम प्रबोध ने इसका विरोध किया, तो तानाशाह व भ्रष्ट लेखपाल अंतरिक्ष पांडेय ने पीड़ित व उनके परिवार को गंदी गंदी गालियां दी, तथा पीड़ित परिवार के साथ मारपीट भी की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया तथा धमकी भरे लहजे में कहा कि, अब जमीन के मालिक वे स्वंय है। पीड़ित जमीन से अपना कब्ज़ा हटा ले, वरना जान से मरवा देंगे। 


 आरोप है कि, तानाशाह हल्का लेखपाल ने अपने पद का गलत इस्तमाल करते हुऐ प्रबोध चौधरी को थाने में बंद करा दिया। भ्रष्ट लेखपाल ने अपने तानाशाही रवैये से ये कहते हुए कहा कि, वह लेखपाल हैं, पीड़ित उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आपको यह भी बताते हैं कि, इस जमीन का विवाद दीवानी न्यायालय जिला-रायबरेली में विचाराधीन है। फिर भी हल्का लेखपाल ने कोर्ट के नियमों को दरकिनार करते हुए, किसानों की आवाज को अनसुना कर दिया। 

   इस संवाददाता ने जब एसडीएम सविता यादव से टेलीफोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि, प्रकरण संज्ञान में आया है। जांच करवा कर दोषी पाए गए व्यक्ति के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

इनसेट......

बछरावां विधानसभा क्षेत्र का आर्थिक हब माना जाने वाला बछरावां जहां खास तौर पर लेखपाल और कानूनगो अपनी तैनाती के बाद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने लगते हैं। तहसील सूत्रों के मुताबिक च्यूकि काफी पैसा खर्च करने के बाद ही उनकी नियुक्ति यहां होती है। विश्वस्त सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि, सामान्य तहसील दिवस महराजगंज में होने वाले खर्च की जिम्मेदारी लेखपाल महराजगंज व शिवगढ़ उठाते हैं, वहीं जिस तहसील दिवस में डीएम की उपस्थिति रहती है, उस तहसील दिवस में खर्च अधिक आने के कारण तहसील दिवस के खर्च की संपूर्ण जिम्मेदारियां बछरावां में तैनात लेखपाल उठाता है। यही कारण है कि, बछरावां में तैनात कुछ लेखपालो को छोड़ कर संपूर्ण भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगते आयें हैं।

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