रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद दहेज उत्पीड़न का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। दहेज के लोभी लोग महिलाओं का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहे हैं, और सबसे बड़ी बात यह है कि, फरियादी जब अपनी फरियाद लेकर पुलिस के पास जाता है, तो पुलिस भी मामले में लीपापोती कर पीड़िता को इंसाफ नहीं दिला पाती है। ऐसा ही एक मामला कोतवाली महराजगंज क्षेत्र के गांव पूरे सुखई मजरे अतरेहटा की रहने वाली अंजू पुत्री रामबरन के साथ घटित हो रही है। जबकि 4 साल पहले हुई शादी में सामर्थ्य के मुताबिक दान दहेज दिए जाने के बावजूद ससुराली जन और अधिक दहेज की मांग को लेकर अंजू का उत्पीड़न कर रहे हैं। पीड़िता ने मामले की सूचना थाना प्रभारी महिला थाना जनपद रायबरेली को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया, लेकिन पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है।
आपको बता दें कि, अपने शिकायती पत्र में अंजू का कहना है कि, उसका विवाह 4 वर्ष पूर्व ग्राम अन्दावां थाना मिल एरिया जनपद रायबरेली के रहने वाले रामसनेही के लड़के मोनू के साथ हुई थी। पीड़िता का कहना है कि, शादी के समय उसके पिता ने काफी दान दहेज दिया था, और वह शादी के बाद 5 माह तक ससुराल में रही, इसके बाद वह अपने मायके चली आई। उसके पति मोनू और जेठानी उर्मिला पत्नी सोनू तथा सास केशना लगातार उस पर दहेज में पल्सर मोटरसाइकिल, सोने की अंगूठी और नगद ₹50000 मांग रहे थे।
जब पीड़िता मायके आ गई उसके बाद उसे एक बच्चा भी पैदा हुआ, जो खराब हो गया। फिर भी प्रतिपक्षगण उसका हालचाल लेने तक नहीं आए। बल्कि छोड़ी छुट्टा कराने की जुगाड़ में लगे हुए हैं। पीड़िता तब से लगातार अपने मायके में ही रहने को मजबूर है। कई बार उसने अपने पति मोनू से ले जाने को कहा, लेकिन हर बार तीनों प्रतिपक्षी उससे कह रहे हैं कि, पल्सर मोटरसाइकिल, सोने की अंगूठी और नगद ₹50000 अगर व्यवस्था तुम्हारे मायके वाले कर दें, तभी वह पीड़िता अंजू को मायके से ससुराल के लिए विदा करा कर ले जाएंगे, और अपने मन से अगर तुम आई, तो तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ूगा।
पीड़िता ने एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार की है कि, उसके मामले में प्रशासन के जरिए उसे इंसाफ दिलाया जाए।

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