रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: ब्लाक महराजगंज के सबसे चर्चित ग्राम पंचायत मोन को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाने से लग रहा था कि, इस बार यहां बड़ी धमाचौकड़ी नहीं होगी। लेकिन पूर्व प्रधान श्याम चंद्र सिंह उर्फ श्यामू द्वारा आगामी प्रधान पद के लिए पूर्व बीडीसी सीताराम पासी को मैदान में उतार कर अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा किए जाने के बाद राजनैतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। पूर्व प्रधान श्याम चंद्र सिंह उर्फ श्यामू और उनके सैकड़ों समर्थकों ने गांव में घर घर जाकर प्रत्याशी सीताराम पासी को रिकॉर्ड मतों से चुनाव जिताने की मुहिम छेड़ दी है। श्याम चंद्र सिंह का दावा है कि, आगामी प्रधानी के चुनाव में सीताराम पासी जीत में रिकॉर्ड तोड़ अंतर का कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
आपको बता दें कि, धुरंधर राजनीतिज्ञों की हमेशा आपस में चलने वाली प्रतिद्वंदिता के कारण मोन गांव हमेशा सुर्खियों में रहा है। इस गांव में प्रधानी के चुनाव में वर्चस्व को लेकर कई बार अपराधिक घटनाएं भी हो चुकी हैं। बावजूद इसके मुख्य दो पक्षों के समर्थक पूरी निष्ठा और ताकत के साथ अपने अपने पक्ष के लिए मरने मारने पर भी आमादा हो जाते थे। इसका परिणाम है कि, शासन द्वारा बनाए गए फार्मूले के आधार पर आरक्षण में जब यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई, तो गांव में रहने वाले शांति प्रिय लोगों ने सुकून महसूस किया था, कि अब चुनाव-चुनाव की तरह होंगें।
लेकिन अचानक श्याम चंद्र सिंह द्वारा गांव के एक लोकप्रिय प्रत्याशी पूर्व बीडीसी सीताराम पासी को प्रधानी के लिए खड़ा कर अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा के बाद चुनावी संघर्ष रोचक बनने जा रहा है, ग्रामीणों की माने तो प्रत्याशी सीताराम पासी का स्वयं भी काफी जनाधार है, और वह केवल अपनी जाति बिरादरी ही नहीं, बल्कि पिछड़ों और अगड़े लोगों के बीज भी अच्छी पैठ रखते हैं, और उनका पूरा जीवन कलंक रहित रहा है। एक ईमानदार कर्मठ और मिलनसार व्यक्ति के रूप में उनकी छवि सर्वविदित है।
श्याम चंद्र सिंह के बारे में गांव के राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि, उन्होंने बड़ी चतुराई से एक ऐसे जिताऊ उम्मीदवार को अपना समर्थन देकर मैदान में उतारा है, ताकि उनकी जीत में कोई शंका ना रहे। इस बात को लेकर एक ओर जहां पूर्व प्रधान श्यामू सिंह के समर्थक उत्साह में घर घर जाकर प्रचार कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ अभी किसी प्रत्याशी का नाम उजागर नहीं हुआ है, इससे यह भी लग रहा है कि, गांव में अब वह उठापटक नहीं होगी, जिसकी लोग आशंका जता रहे हैं।

1 टिप्पणियाँ
यह जातीवादी क्षेत्र यहा SC बहुमत होकर व सीट भी SC होकर समर्थन की जरूरत है
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