पंचायत चुनाव के आरक्षण में हुई धांधली के मामले में आपत्तियों का सिलसिला जारी।। Raebareli news ।।

मतदाता दे रहे आर पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी।

रजनीकांत अवस्थी

रायबरेली: महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के ग्राम प्रधान पद के आरक्षण में अनियमितताओं के उजागर होने का सिलसिला जारी है। इससे उम्मीदवारों को ही नहीं बल्कि मतदाताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है, और आपत्तियां दाखिल होने का सिलसिला थंभने का नाम नहीं रहा है।

    आपको बता दें कि, क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी तथा विधायक का चुनाव लड़ चुके जमुना प्रसाद पासवान ने कई गांव में कथित रूप से आरक्षण के प्रावधानों का उल्लंघन कर मनमाने तरीके से आरक्षण तय किए जाने का आरोप लगाया है। श्री पासवान ने जिला पंचायत राज अधिकारी को प्रेषित आपत्ति में आरोप लगाया है कि, 1995 से लेकर 2015 तक ब्लॉक महराजगंज की जमुरावां ग्राम पंचायत अविभाजित थी। लेकिन 2015 में शासन के निर्देशानुसार एक गांव पूरे अचली को अलग करके ग्राम पंचायत को दर्जा दे दिया गया, और 2015 में ही इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। जबकि पूरे अचली ग्राम सभा में अनुसूचित जाति के 60 फ़ीसदी मतदाता और 30 फ़ीसदी पिछड़े वर्ग के मतदाता निवास करते हैं, शेष 10 फ़ीसदी सामान्य वर्ग के मतदाता हैं। ऐसी दशा में सरकार द्वारा लागू की गई आरक्षण प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है तथा आरक्षण प्रक्रिया में नियमों की अवहेलना करते हुए इस बार पिछड़ी जाति कर दिया गया है, जबकि श्री पासवान का दावा है कि, इस बार इस सीट को सामान्य होना चाहिए था।

    इसी क्रम में उन्होंने ग्राम सभा जनई, घोरौना, तौली, जमुरावां, कक्केपुर, जमुरवां सहित कई अन्य गांवों में भी आरक्षण प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर आरक्षण तय करने में हेरफेर किया गया है। श्री पासवान ने कहा है कि, महराजगंज ब्लॉक के इन गांवों की आरक्षण प्रक्रिया की व्यापक स्तर पर जांच करके सही ढंग से आरक्षण लागू कराया जाए, अन्यथा वह आम जनता के हितों के लिए आर-पार की लड़ाई छेड़ने को तैयार हैं।

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