त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव: परिवार की राजनीतिक स्वर्णिम यात्रा को जारी रखेंगें सिकंदरपुर गांव सभा के लोग।। Raebareli news ।।

 रजनीकांतअवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद 70 वर्षों के इतिहास में हमेशा सिकंदरपुर गांव की प्रधानी परिवार के इर्द-गिर्द रही। इतिहास अपने आप को दोहराने के लिए पूरी तरह से बेताब है। जबकि इस बार के चुनाव में जो अब तक के हालात हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि, प्रधानी एक बार फिर से गांव सभा के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के पास ही रहेगी। ऐसा गांव सभा का भ्रमण कर मतदाताओं से बातचीत के बाद निष्कर्ष निकाला गया है।

    आपको बता दें कि, सन 1947 में जब देश आजाद हुआ था, तब ताजुद्दीनपुर और मूंग ताल दोनों मिलकर एक ग्राम सभा थी, और ताजुद्दीनपुर के चंद्रभूषण सिंह ग्राम प्रधान थे। जब 1949 में मूंग ताल और ताजुद्दीनपुर ग्राम सभाएं अलग अलग कर दी गई, तो अलग हुई ग्राम सभा मूंग ताल के प्रधान पद पर रामदयाल कोरी को 6 माह के लिए ग्राम प्रधान बनाया गया। इसके बाद जब पुनः चुनाव हुए तो 1952 में शिव प्रसाद सिंह मूंग ताल के प्रधान बने, वह 1957 से 1962 तक निर्विरोध ग्राम प्रधान रहे। इसके बाद सन् 1962 में जब पुनः चुनाव हुए, तो शिव प्रसाद सिंह को ही 10 साल के लिए जनता ने निर्विरोध प्रधान चुन लिया। इसके पश्चात 1972 में फिर से चुनाव हुए, तो इस बार ग्राम प्रधान पद पर शिव प्रसाद सिंह भारी बहुमत से चुनाव लड़कर जीते, किंतु 11 दिसंबर 1981 को प्रधान पद पर रहते हुए ही उनकी मृत्यु हो गई। उसके पश्चात 1982 में प्रधानी का सेहरा शिवप्रसाद सिंह के पुत्र जगदीश नारायण सिंह के सर बंधा।

   1988 से 1995 तक जगदीश नारायण ही प्रधान बनते रहे। इसके उपरांत जब पंचायती चुनाव में आरक्षण व्यवस्था लागू की गई, तब हरचरन पासी प्रधान निर्वाचित हुए, जो लगातार दो बार आरक्षित सीट से प्रधानी जीते। जब 2010 में ग्राम प्रधानी की सीट अनारक्षित हुई, तो जगदीश सिंह की पत्नी सहीदर कुमारी प्रधान चुनी गई, और प्रधानी एक बार फिर से इसी परिवार में आ गई। जब 2015 में सीट पुनः आरक्षित हो गई तो जगदीश नारायण सिंह, जगजीवन सिंह तथा जयकरन सिंह शिक्षक के आशीर्वाद और समर्थन से उनके खास आदमी मथुरा पुत्र राम फली चुनाव जीत गए जिसका निर्विवाद प्रतिनिधित्व रोहिताश सिंह उर्फ डब्बू सिंह ने किया। इस परिवार की कामयाबी का सिलसिला यह दर्शाता है कि, इस परिवार ने जाति वर्ग को दरकिनार रख, सच्चे मन से आम जनता की सेवा की है। जिससे आम जनता का भरोसा आज भी इस परिवार के प्रति कायम है, और इस बार जब सीट आरक्षण के क्रम में सामान्य वर्ग के लिए घोषित हुई, तो इस परिवार के चश्मो चिराग रोहिताश सिंह उर्फ डब्बू सिंह की पत्नी संध्या सिंह को गांव की जनता ने अनुरोध करके मैदान में उतारा है।

    गांव वालों का कहना है कि, उन्हें इस परिवार से अटूट लगाव है। जिस प्रकार दिन और रात इस परिवार के सदस्य हर मुसीबत में हम गांव वासियों का ख्याल करते हैं, इस परिवार का संकल्प है कि, गांव में सबके साथ समान व्यवहार कर पीड़ितों को इंसाफ दिलाया जाए, गरीबों की दिल खोलकर मदद की जाए, गांव में कोई भी परिवार भूखा ना सोए, इसके अतिरिक्त दबंगों के आतंक से यह परिवार ही गांव और गरीबों की रक्षा करता है। इसलिए पूरा गांव एकमत से इसी परिवार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए तन मन से संध्या सिंह को जिताने का संकल्प ले रहा है। पूरे गांव में एक ही आवाज आ रही है, कि संध्या सिंह ही उनकी ग्राम प्रधान होंगी, और परिवार की राजनीतिक स्वर्णिम यात्रा को जारी रखा जाएगा।

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