कोरोना ने मचाई तबाही: संक्रमण से मरने वालों का गैर अधिरकारिक आंकड़ा काफी ज्यादा जिसके गवाह बन रहे श्मशान घाट कब्रिस्तान

कोरोना महामारी की तेज रफ्तार के चलते सात दिन में ही देश के 15.70 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, संक्रमण का खतरा देश के ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ चुका है। इस वजह से देश की 70 फीसदी आबादी भी वायरस की चपेट में आ चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी आंकड़ों से अलग जमीनी हालात पांच से 10 गुना अधिक हैं। संक्रमण से मरने वालों का गैर आधिकारिक आंकड़ा काफी ज्यादा है, जिसके गवाह श्मशान घाट और कब्रिस्तान बन रहे हैं। महामारी का असर देश के टीकाकरण कार्यक्रम पर भी पड़ा है। पर्याप्त टीका न होने और राज्यों को वक्त पर आपूर्ति न होने से टीकाकरण प्रभावित हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, केवल तीन राज्यों में कोरोना की संक्रमण दर पांच फीसदी से कम है, जिसे वैश्विक स्तर पर महामारी नियंत्रण के लिए उचित माना गया है। वहीं, 33 राज्यों में संक्रमण दर इससे कहीं अधिक है। इसी का परिणाम है कि 12 राज्यों में सक्रिय मरीजों की संख्या एक-एक लाख से भी अधिक है, जबकि 24 राज्यों में यह आंकड़ा एक-एक लाख तक है।

    आपको बता दें कि, कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने छह सप्ताह में ही पूरे देश को गंभीर स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। हालात इस कदर हो चुके हैं कि, तीसरी बार देश में चार लाख से ज्यादा लोग एक दिन में संक्रमित हुए हैं। पिछले एक दिन में तो पहली बार सबसे ज्यादा संक्रमित मिले हैं। वहीं, लगातार दूसरे दिन मरने वालों की संख्या चार हजार के करीब मिली है। देश के 10 जिलों में सबसे बुरा हाल है। पूरे देश के 25 फीसदी सक्रिय मरीज इन्हीं जिलों में हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो दुनिया में हर पांचवां सक्रिय मरीज भारत में इलाज करा रहा है। 

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, बीते एक दिन में संक्रमण के 414,433 नए मामले दर्ज किए गए और 3,920 लोगों ने इस महामारी से जान गंवाई। वहीं, एक दिन में 3.31 लाख मरीज ठीक भी हुए। इस तरह से देश में संक्रमण के कुल मामले करीब 2,14,84,911 हो गए और मृतकों की संख्या 2,30,168 पर पहुंच गई।

फिर घटी जांच, मगर मरीज नहीं: वायरस की जांच को लेकर एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है। एक दिन पहले देश में 19 लाख से भी ज्यादा सैंपल की जांच की गई थी। हालांकि, बीते गुरुवार 18.26 लाख सैंपल की जांच हुई है। 30 अप्रैल और एक मई के अलावा छह मई को हुई जांच की तुलना में यह आंकड़ा एक लाख कम है। हालांकि, इस बार जांच कम होने के बाद भी कोरोना मरीजों की संख्या चार लाख से अधिक रही है। इससे पता चलता है कि देश में संक्रमण दर अभी बढ़ती जा रही है।

 सावधानी बरतें तो रोक सकते हैं तीसरी लहर: केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार विजय राघवन ने कहा, अगर व्यक्तिगत, स्थानीय, राज्य स्तरों पर सभी जगह सावधानी बरती जाए तो हम महामारी कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने से रोक सकते हैं। दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए तो शायद कुछ ही जगहों पर कोरोना की तीसरी लहर आएगी या फिर कहीं भी नहीं आएगी। हालांकि, दो दिन पहले राघवन ने कहा था कि, कोरोना की तीसरी लहर को कोई रोक नहीं सकता, क्योंकि वायरस रूप बदलता रहता है। राघवन ने कहा, सावधानी बरतने, निगरानी, कंटेनमेंट, जांच और इलाज को लेकर दिशा-निर्देशों का पालन करने कोरोना को रोकना मुश्किल नहीं है। जिन लोगों ने टीका लिया है, मास्क पहनते हैं, पूरी सावधानी बरतते हैं, वे सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ऐसे लोग जो संक्रमित हैं पर बिना लक्षण के हैं, वे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं, ऐसे में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

 कोविन एप में अब चार अंकों का सुरक्षा कोड: टीकाकरण के लिए कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी को कम करने के लिए चार अंकों का सुरक्षा कोड लाया गया है। यह व्यवस्था आठ मई से शुरू होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा का उद्देश्य गड़बड़ी को कम करना है। मोबाइल एप पर टीकाकरण का स्लॉट बुक करने पर लोगों को चार अंकों का सुरक्षा कोड प्राप्त होगा। इसे टीकाकरण केंद्र में प्रस्तुत करना होगा। इस कोड का उल्लेख डिजिटल प्रमाणपत्र पर भी किया जाएगा। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि, निर्धारित तिथि पर टीकाकरण के लिए लोग उपस्थित हुए थे या नहीं।

 यूपी में एक दिन में 28,076 संक्रमित: उत्तर प्रदेश में बीते एक दिन में कोरोना संक्रमण के 28,076 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, पहले से इलाज करा रहे 33,117 मरीज स्वस्थ हुए हैं।

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