रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के सभी परिणाम आने के बाद अब चर्चा में आगामी ब्लाक प्रमुखी का चुनाव सुर्खियां बटोर रहा है।
आपको बता दें कि, बछरावां विधानसभा क्षेत्र के 3 ब्लॉकों में जहां महराजगंज ब्लॉक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, तो वहीं बछरावां और शिवगढ़ में यह पद अनारक्षित होने के कारण काफी चर्चा में है, तथा राजनैतिक क्षेत्रों में हलचल चरम पर है। वैसे अभी तक माना जा रहा था कि, पूर्व प्रमुख अजय दउवा खेमे की ताजपोशी लगभग तय है। लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद जब से बछरावां कस्बे के पूर्व चेयरमैन बराती लाल चौधरी की पुत्री कंचन वर्मा बीडीसी चुनाव जीती हैं, और उन्होंने भी ब्लॉक प्रमुखी लड़ने की हुंकार भर दी है। तब से बछरावां प्रमुखी का चुनाव चर्चा में आ गया है और रणनीतियां बदल रही है। चर्चा है कि, अपने पिता की राजनैतिक विरासत को संजोने के लिए कंचन पूरी दमदारी से चुनाव मैदान में कूद पड़ी है, और उनके परिवार के सदस्यों की गहरी राजनीतिक पकड़ काफी महत्व रखती है। इसके अलावा उनके समर्थकों की लंबी फौज भी है। खुद प्रत्याशी का मानना है कि, लगातार मतदाता उनसे स्वयं संपर्क कर रहे हैं, और इच्छा जता रहे हैं कि, प्रमुखी की सीट पर वहीं बैठे। ताकि क्षेत्र का चौमुखी विकास सही मायनों में हो सके। बछरावां के राजनीतिक पंडितों का मानना है कि, यदि कंचन को सत्ताधारी पार्टी का टिकट मिल गया तो, उन्हें हरा पाना दूसरे लोगों के लिए बहुत ही असंभव साबित होगा। बछरावां में हर चौराहे चाय पान की दुकानों में अगर कोई चर्चा है, तो सिर्फ इस बात की कंचन वर्मा अजय दउवा के मजबूत किले को भेद कर रहेंगी।




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