◆खाद्यान्न उठान की गाइडलाइन का उड़ रहा मजाक।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: एक तरफ जहां केंद्र व प्रदेश सरकार महामारी के इस दौर में गरीबों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाकर निर्धन गरीब परिवारों की रोजी-रोटी का इंतजाम कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम पर चंद दलालों के सहारे गोदाम प्रभारी प्रदीप शर्मा द्वारा गरीबों में वितरण करने वाले सरकारी अनाज पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है, जिसका कोटेदारों द्वारा दबी जुबान से जमकर विरोध किया जा रहा है।
आपको बता दें कि, नाम न छापने की शर्त पर कुछ कोटेदारों ने बताया कि, गोदाम से राशन उठान के समय प्रति कोटेदारों को कुंटलो राशन कम दिया जाता है, और ये खेल गोदाम प्रभारी प्रदीप शर्मा व गोदाम पर हर समय उपस्थित रहने वाले दलालों के सानिध्य में खेला जा रहा है, और यही वजह है कि, महराजगंज में विगत डेढ़ माह से गोदाम प्रभारी का कार्यभार ग्रहण करने के बाद गोदाम प्रभारी प्रदीप शर्मा इन दिनों सुर्खियों में है, और इसका खामियाजा है की कोटेदारों को मानक से कम अनाज मिल रहा है, और जिसका प्रभाव राशन कार्ड धारक भुगत रहे हैं। विदित हो कि, भ्रष्टाचारी गोदाम प्रभारी प्रदीप शर्मा विगत 4 वर्षों से बछरावां के गोदाम प्रभारी के पद पर भी तैनात हैं, और दलालों के माध्यम से गरीबों के अनाज को डकार रहे हैं, जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तो दूध का दूध पानी का पानी साफ हो जाएगा। आपको यह भी बता दें कि, महराजगंज विकासखंड में क्षेत्र में आने वाले 57 कोटेदारों को मई माह में 12500 कुतंल चावल व गेहूं वितरित किया गया। जिसमें जमकर सरकारी राशन का बंदरबांट किया गया। प्रत्येक कोटेदार को कुंतलो अनाज कम देकर गोदाम प्रभारी द्वारा अपनी जेब भरने का काम किया गया है। जबकि शासन के सख्त निर्देश है कि, डोर स्टेप डिलीवरी प्रत्येक कोटेदार के घर करवाई जाए, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एक रमेश मौर्या नामक ठेकेदार को दी गई है। जिसमें शासन द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि, डोर स्टेप डिलीवरी के तहत राशन लदवाई उतरवाई भाड़े की भी व्यवस्था शासन द्वारा ठेकेदार को उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन अपनी खाऊ कमाऊ नीति के चलते ठेकेदार व गोदाम प्रभारी प्रदीप शर्मा द्वारा शासन की डोर स्टेप डिलीवरी का मखौल उड़ाया जा रहा है, तथा गोदाम पर बुलाकर ही कोटेदारों को राशन वितरित किया जा रहा है। जबकि शासन द्वारा लिखा पढ़ी में यह निर्देश दिए गए हैं कि, यदि कोटेदार का राशन 10 किलोमीटर की परिधि में आता है, तो ₹15 प्रति कुंतल तथा 10 किलोमीटर से अधिक की दूरी होती है, तो 18 रुपए प्रति कुंतल भाड़ा दिया जाता है, लेकिन शासन के आदेशों को दरकिनार करते हुए ठेकेदार व गोदाम प्रभारी द्वारा मात्र ₹8 कुंटल ही भाड़ा दिया जाता है, जिससे कोटेदार व्यथित हैं। वहीं इस पूरे मामले में डीएसओ कमल नयन सिंह ने बताया कि, मामला जानकारी में आया है, पूरे मामले की गहनता से जांच करा कर दोषी पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।





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