●तूल पकड़ रहा है पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती के समर्थक के साथ मारपीट का मामला।
शिवाकांत अवस्थीमहराजगंज/रायबरेली: विगत 15 जुलाई 2021 को सपा द्वारा महंगाई, भ्रष्टाचार, खराब कानून व्यवस्था के मुद्दे पर छेड़े गए जनांदोलन कार्यक्रम के बीच में पार्टी के पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती के समर्थक की हुई पिटाई का मामला तूल पकड़ रहा है। एक और जहां पार्टी के दूसरे पूर्व विधायक के पुत्र द्वारा पीटे गए कार्यकर्ता के समर्थन में पार्टी से कई लोग सामने आए हैं, और यह मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष उठाने की कोशिश शुरू कर दी है, तो वहीं दूसरी ओर मामले में नाम उछलने के बाद बछरावां के पूर्व ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य विक्रांत अकेला ने सारे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि, कुछ लोग उनका नाम बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
आपको बता दें कि, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश भर में तहसील मुख्यालयों पर केंद्र और प्रदेश के सरकारों की नीतियों के विरुद्ध सपाइयों ने धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देने का काम किया था। इसी क्रम में महराजगंज में भी विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज के नेतृत्व में सपाइयों ने पहले अतरेहटा गांव के पूरे मूड़ू स्थित कोल्ड स्टोरेज पर सभा की थी। जिसमें वर्चस्व कायम करने के लिए दोनों पूर्व विधायकों के समर्थक नारेबाजी कर रहे थे। उसी दौरान टकराव होते बचा। विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज ने बहुत ही चतुराई के साथ कोई संघर्ष होने से बचा तो लिया, लेकिन जब पार्टी कार्यकर्ता ज्ञापन देने तहसील जा रहे थे, तभी जुलूस में नारेबाजी को लेकर हंगामा मच गया। जुलूस ने पूर्व विधायक रामलाल अकेला के समर्थक उनके जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे, तभी दूसरे ग्रुप की ओर से सेहगों के रहने वाले कार्यकर्ता और उनके साथियों ने पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती और अखिलेश यादव के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। कार्यकर्ता विपनेश रावत का कहना है कि, यह बात पूर्व विधायक रामलाल अकेला के बेटे विक्रांत अकेला को नागवार गुजरी और उन्होंने उसे श्यामसुंदर भारती जिंदाबाद के नारे लगाने से मना किया, लेकिन वे और उसके साथी नहीं माने। सपा कार्यकर्ता विपनेस ने हमारे संवाददाता से बताया कि, आवेश में आकर विक्रांत ने उससे बैनर छीन लिया। विरोध करने पर विक्रांत अकेला और उनके समर्थकों ने विपनेस के साथ जमकर मारपीट की। जिससे विपनेश घायल हो गया, और उसका मोबाइल भी टूट गया। लेकिन बावजूद इसके विक्रांत अकेला और समर्थक गाली देते रहे, सब कुछ बर्दाश्त करने के बाद विपनेस ने काफिले को नहीं छोड़ा, और तहसील जाकर उप जिलाधिकारी सविता यादव को पार्टी द्वारा दिए गए ज्ञापन को शौंपने पर ही निकला। हालांकि ज्ञापन देने के बाद विपनेस और उनके साथियों ने भी तहसील गेट के बाहर निकल कर पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जिंदाबाद के नारे फिर से लगाए। लगा कि एक बार फिर तनाव बढ़ेगा। लेकिन दूसरा गुट वहां नहीं पहुंचा। यहां तहसील गेट के बाहर विपनेस रावत और उनके साथियों ने विक्रांत अकेला मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। मामले की छानबीन के बाद जब हमारी टीम द्वारा विपनेश के पैतृक गांव सेहगों पश्चिम में जाकर घटना के बारे में जानकारी ली गई, तो विपनेश और उनके साथियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कैमरे के सामने बयान दिया। उन्होंने कहा कि, उनके नेता श्यामसुंदर भारती विगत 21 सितंबर 2017 को जब पार्टी में शामिल हुए थे, तो शामिल हुए हजारों कार्यकर्ताओं में वह भी शामिल था, और तब से लगातार पार्टी की पूरी निष्ठा से सेवा करता आ रहा है। उसने यह भी बताया कि, वह मामले में चुप नहीं बैठेंगे, तथा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलकर अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की जानकारी उनको देंगे, और विक्रांत अकेला के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग करेंगे। उधर दूसरी ओर जब विक्रांत अकेला ने मोबाइल पर फोन करके हमारे संवाददाता से बताया कि, लगाए गए सभी आरोपों और घटना असत्य बताया है। उन्होंने कहा कि, वह किसी के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट नहीं की। यह एक साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश है।




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