रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के बीआरसी सभागार में चल रहे पांच दिवसीय निष्ठा प्रशिक्षण शिविर में दूसरे दिन बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को विस्तृत जानकारी दी गई। बच्चों के प्रति शिक्षकों का क्या दायित्व होता है इसका भी बोध कराया गया। कुल 150 शिक्षकों में से प्रशिक्षण में 134 शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मास्टर ट्रेनर डॉ0 रुचि लोगानी ने कहा कि, परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की मेंहनत से ही बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल पाती है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर अध्यापक कितना गम्भीर हैं यह पूछे जाने वाले सवालों के जवाब से पता चलता है।
कक्षा छह से आठ तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षक गणित-विज्ञान व अंग्रेजी विषय सरल विधि से पढ़ाएं ताकि उन्हें हर सवाल का जवाब आसानी से मिल जाए। गणित विषय कार्यक्रम बच्चों संग हमेशा होते रहने चाहिए, ताकि कक्षाओं में सवाल न पूछने वाले नौनिहाल निर्भीक हो जाएं और वह समझ में न आने पर दोबारा सवाल पूछ सकें। बच्चों संग मधुर सम्बन्ध बनाकर ही उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
प्रशिक्षक नरेंद्र कुमार, शिखा बाजपेई, रितेश, शिवप्रसाद ने बताया कि, प्रशिक्षण लेने के बाद अध्यापकों में बदलाव आएगा और सरकार जिस मंशा से अध्यापकों को प्रशिक्षण दे रही है, इसका बदलाव जरूर देखने को मिलेगा।
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के बीआरसी सभागार में चल रहे पांच दिवसीय निष्ठा प्रशिक्षण शिविर में दूसरे दिन बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को विस्तृत जानकारी दी गई। बच्चों के प्रति शिक्षकों का क्या दायित्व होता है इसका भी बोध कराया गया। कुल 150 शिक्षकों में से प्रशिक्षण में 134 शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मास्टर ट्रेनर डॉ0 रुचि लोगानी ने कहा कि, परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की मेंहनत से ही बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल पाती है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर अध्यापक कितना गम्भीर हैं यह पूछे जाने वाले सवालों के जवाब से पता चलता है।
कक्षा छह से आठ तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षक गणित-विज्ञान व अंग्रेजी विषय सरल विधि से पढ़ाएं ताकि उन्हें हर सवाल का जवाब आसानी से मिल जाए। गणित विषय कार्यक्रम बच्चों संग हमेशा होते रहने चाहिए, ताकि कक्षाओं में सवाल न पूछने वाले नौनिहाल निर्भीक हो जाएं और वह समझ में न आने पर दोबारा सवाल पूछ सकें। बच्चों संग मधुर सम्बन्ध बनाकर ही उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
प्रशिक्षक नरेंद्र कुमार, शिखा बाजपेई, रितेश, शिवप्रसाद ने बताया कि, प्रशिक्षण लेने के बाद अध्यापकों में बदलाव आएगा और सरकार जिस मंशा से अध्यापकों को प्रशिक्षण दे रही है, इसका बदलाव जरूर देखने को मिलेगा।


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