महराजगंज/रायबरेली: कोतवाली क्षेत्र के गांव दशवंतपुर के रहने वाले आरक्षी सुरेंद्र बहादुर सिंह 50 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में उनके बड़े भाई नागेंद्र बहादुर सिंह ने सुल्तानपुर जिले की पुलिस के ऊपर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि, अगर वहां की पुलिस सही वक्त पर उनके भाई का इलाज करा देती, तो उनके भाई की जान बच सकती थी। उन्होंने मामले की सीबीआई द्वारा जांच कराने की मांग की है।
वीडियो देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें।आपको बता दें कि, दसवंतपुर गांव के रहने वाले पुलिस आरक्षी सुरेंद्र बहादुर सिंह जनपद सुल्तानपुर के अखंड नगर कोतवाली में बतौर सिपाही तैनात थे। बृहस्पतिवार को उनकी तबीयत बिगड़ी, इसके पश्चात उसी दिन शाम को उनकी मौत हो गई। परिजनों को जब सूचना मिली, तो परिजन अखंड नगर थाने पहुंचे, जहां सुरेंद्र बहादुर सिंह को अपने सरकारी आवास पर गंभीर अवस्था में चारपाई के नीचे पाया। उसके उपरांत परिजन जिसमें उनका लड़का विकास और आकाश ने उन्हें पास के ही सीएचसी ले जा कर दिखाया। जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। उसके उपरांत पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और लाश को पैतृक गांव लाया गया, जहां शुक्रवार को डलमऊ के गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन पारिवारिक लोग असामायिक हुई इस मौत पर काफी गमजदा है।
मृतक के बड़े भाई नागेंद्र बहादुर सिंह ने आज मीडिया से बातचीत में अखंड नगर थाने के पुलिस जनों पर गंभीर आरोप लगाए, उनका कहना था कि, यदि अखंड नगर की पुलिस ने तनिक भी सुरेंद्र बहादुर सिंह के स्वास्थ्य की चिंता की होती, यथा समय उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया होता, तो सुरेंद्र बहादुर सिंह की जान बच सकती थी। उन्होंने सुल्तानपुर पुलिस के अलावा प्रदेश की योगी और केंद्र की मोदी सरकार पर कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए सुरेंद्र बहादुर सिंह की मौत के मामले में सीबीआई से जांच करा कर प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर अखंड नगर थाने की पुलिस के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कराए जाने की मांग की है।

0 टिप्पणियाँ