शिवाकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: जिले में बदहाल सड़कें स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हैं। बजट के अभाव में मुख्यमंत्री द्वारा सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश भी बेअसर है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश सड़कों की हालत काफी खराब है। यहां कई वर्षों से लोग जर्जर सड़क पर ही आवागमन कर रहे हैं। इसकी एक बानगी महराजगंज इन्हौना मार्ग है। सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस सड़क पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है।
आपको बता दें कि, दिनेश कुमार मिश्रा, मऊ गांव के रहने वाले अतुल कुमार पांडेय एडवोकेट, दिलीप सिंह, राजेश कुमार शर्मा, पप्पू सिंह, श्याम भवन सिंह, अंजनी कुमार गुप्ता प्रधान, नान्ह शैलेंद्र प्रताप साहू उर्फ राहुल समाजसेवी आदि लोगों ने बताया कि, करीब चार वर्ष पहले इस सड़क की मरम्मत का कार्य हुआ था, इसके बाद से सड़क की मरम्मत तक का कार्य नहीं कराया गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताया कि, मार्ग जर्जर होने के चलते अक्सर दो पहिया वाहन सवार और राहगीर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इसमें कुछ लोगों को अपनी जान भी गवांनी पड़ी है। इस बारिश के मौसम में बरसात होने के बाद क्षेत्र के चंदापुर मार्ग का भी यही हाल है। इस सड़क पर भी लोगों का चलना खतरे को दावत देना है। क्षेत्र के रहने वाले कृपा शंकर शर्मा, छेदीलाल, राहुल सिंह आदि ने बताया कि, इस संबंध में कई बार क्षेत्रीय विधायक, सांसद व जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ। किसी ने भी सड़क निर्माण कराने की जहमत नहीं उठाई है। अभी हाल ही में सपा के पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने अनिश्चितकालीन धरना की घोषणा की थी, जिसमें संबंधित विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया गया था कि, जल्द ही सड़क का पुनरुद्धार किया जाएगा, लेकिन नतीजा सिफर ही दिखाई दे रहा है। सड़क के पुनरुद्धार कराने की बजाय संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों ने सड़क की दोनों पटरियों पर उगी झाड़ी झंखाड़ को तो जेसीबी लगाकर साफ कराया जा रहा हैं, मगर सड़क के पुनरुद्धार के नाम पर गड्ढों में मिट्टी और ईंट डालकर ही बराबर किया जा रहा है। लोग जर्जर सड़क पर आवागमन करने को मजबूर हैं। इस बरसात में स्थित और भी दयनीय हो जाती है। इसी तरह क्षेत्र की अन्य सड़कों का भी हाल है। जो कई वर्षों से उपेक्षा की शिकार है। अब जबकि बरसात के दिन हैं, तो इन मार्गों पर बारिश हो जाने के बाद आवागमन ही पूरी तरह से बाधित हो जाता है।ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय आने के लिए कई किलो मीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। क्षेत्र के रामपाल, श्यामलाल, पूरन, राम सुमिरन, सूर्यपाल, अशोक कुमार, राजकुमार, काली दीन, विंध्या, शिवप्रसाद आदि ने सड़क निर्माण कराने की मांग की है।





0 टिप्पणियाँ