शिवाकांत अवस्थी
रायबरेली: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एक बार फिर समाजवादी पार्टी साइकिल यात्रा के जरिए यूपी के सिंहासन पर काबिज होने की तैयारी कर रही है। कल पूरे प्रदेश में साइकिल यात्रा निकाली जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में साइकिल चलाएंगे। पार्टी के सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री अलग-अलग जिलों में साइकिल चलाएंगे। इतना ही नहीं कल से ही समाजवादी पार्टी के लिए सम्मेलन भी बलिया से शुरू हो रहा है। इसी क्रम में यहां रायबरेली में भी सभी तहसीलों में साइकिल रैली निकालने के पूरे प्रबंध समाजवादियों द्वारा पूरे किए जा चुके हैं। बछरावां कस्बे से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रामलाल अकेला अपने हजारों समर्थकों के साथ साइकिल रैली निकालेंगे, तो वहीं महराजगंज कस्बे के हनुमानगढ़ी मंदिर प्रांगण से पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारतीय भी अपने हजारों समर्थकों के साथ साइकिल रैली निकालने के लिए पूरी तरह कमर कस चुके हैं।
आपको बता दें कि, समाजवादी पार्टी के लखनऊ कार्यालय समेत यहां रायबरेली में भी साइकिले तैयार हैं। अब बस इंतजार है, तो 5 अगस्त का! जब लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद साइकिल चलाकर इस साइकिल यात्रा की शुरुआत करेंगे, 5 अगस्त को ही पार्टी के कद्दावर नेता रहे जनेश्वर मिश्र की जयंती होती है। इसीलिए सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी 5 अगस्त से ही पूरे प्रदेश में साइकिल यात्रा की शुरुआत कर रही है। साथ ही साथ 5 अगस्त से ही समाजवादी पार्टी का प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन भी बलिया से शुरू हो रहा है। बलिया 1857 की क्रांति के जनक मंगल पांडेय की धरती है, वहीं जनेश्वर मिश्र का भी जन्म हुआ और इसीलिए पार्टी की तैयारी है कि, प्रबुद्ध वर्ग का सम्मेलन उसी धरती से किया जाए।
समाजवादी पार्टी ने प्रदेश के 75 जिलों में साइकिल यात्रा की तैयारी जोर शोर से की है। हर जिले में पार्टी के विधायक, सांसद, या पूर्व मंत्री को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, जहां वह खुद साइकिल चलाएंगे और उनके पीछे पार्टी के कार्यकर्ता साइकिल की रैली निकालेंगे। इसके जरिए समाजवादी पार्टी की कोशिश है कि, सरकार को सवालों के कठघरे में खड़ा किया जाए। बात चाहे बेरोजगारी की हो, या किसानों की हो, या फिर महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की हो, अथवा आजम खान का लंबे समय से जेल में रखने की हो, इन सारे मुद्दों को को लेकर यह साइकिल यात्रा कल पूरे प्रदेश में निकाली जाएगी।
हर जिले में 5 से 10 किलोमीटर तक की साइकिल यात्रा निकलेगी। इसी क्रम में यहां रायबरेली में भी हर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता साइकिल रैली निकालेंगे। बछरावां विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज की अध्यक्षता में पूर्व विधायक रामलाल अकेला बछरावां से साइकिल रैली निकालेंगे, तो महराजगंज से पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती अपने समर्थकों के साथ साइकिल रैली निकालेंगे, और खुद लखनऊ में इसकी शुरुआत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का रुट चार्ट क्या होगा, ये आपको बताते हैं। वह सुबह 10 बजे पार्टी कार्यालय से साइकिल पर सवार होंगे और फिर मुख्यमंत्री चौराहा, 1090 चौराहा, अम्बेडकर पार्क चौराहा, लोहिया चौराहा, cms गोमती नगर चौराहा होते हुए सीधे गोमती नगर में बने जनेश्वर मिश्र पार्क पर पहुंचेंगे। तकरीबन साढ़े 6 किलोमीटर की ये दूरी पूरा करने में 2 घंटे का भी वक्त लग सकता है, क्योंकि कल गाड़ियों का भी काफिला अखिलेश यादव के पीछे मौजूद रहेगा। जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंच कर अखिलेश यादव जनेश्वर मिश्र को उनकी जयंती पर श्रद्धांसुमन अर्पित करेंगे।
दरअसल, 2012 में जब समाजवादी पार्टी सत्ता पर काबिज हुई, उसमें भी अखिलेश यादव ने जो साइकिल यात्रा निकाली थी उसकी बड़ी भूमिका रही है। खुद अखिलेश यादव साइकिल यात्रा को अपनी पार्टी और खुद के लिए लकी मानते हैं। इसीलिए एक बार फिर इस साइकिल यात्रा के जरिए उनकी कोशिश है कि, 2022 में यूपी की सत्ता पर काबिज हुआ जाए, और पार्टी के हर पोस्टर में आपको यह स्लोगन भी नजर आएगा कि, 22 में बाइसिकल।
यहां बछरावां विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज का साफ तौर पर कहना है कि, इस साइकिल यात्रा के जरिए सरकार की जो जनविरोधी नीतियां हैं, उसे जनता तक पहुंचाने का काम पार्टी करेगी। वहीं कल से शुरू हो रहे प्रबुद्व सम्मेलन पर उनका कहना है कि, पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर हमेशा से चलती रही है।
वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की कल से शुरू हो रही साइकिल यात्रा पर बीजेपी ने निशाना साधा है। बछरावां से बीजेपी विधायक राम नरेश रावत का साफ तौर पर कहना है कि, समाजवादी पार्टी चाहे साइकिल यात्रा निकाले, चाहे कोई भी यात्रा निकाले उससे कुछ भी अब होने वाला नहीं है। जनता बीजेपी के साथ है, और आगे भी 2022 में बीजेपी को ही चुनेगी।
आपको यह भी बता दें कि, एक तरफ जहां साइकिल यात्रा के जरिए समाजवादी पार्टी की कोशिश है कि, जनता के बीच सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर जाया जाए। तो वहीं प्रबुद्ध सम्मेलन के जरिए कोशिश है कि, कैसे ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ा जाए। दरअसल, उत्तर प्रदेश में जब से बीएसपी ने ब्राह्मणों को साथ जोड़ने के लिए संगोष्ठी शुरू की, उसके बाद से ही ब्राह्मणों को साथ लाने की सभी पार्टियों में होड़ सी मच गई है। अब समाजवादी पार्टी भी इस होड़ में पीछे नहीं रहना चाहती है।

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