रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के ग्राम सभा जिहवा में सप्तवेदी, गणेश आंबिका, रूद्र हनुमत देव, सहित मोक्षदायिनी श्रीमद्भागवत कथा के मूल्य आचार्य दीपक मिश्रा (बाराबंकी, कोठी) परिचायक पंडित रमेश (हसनपुर) कथा व्यास संध्या भारद्वाज (सिधौना अमांवा) ने जिहवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को सिधौना अमांवा से आईं कथा व्यास संध्या भारद्वाज ने विविध प्रसंगों पर अद्भुत व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए लोगों से सन्मार्ग पर चलने की बात कही।
आपको बता दें कि, कथा व्यास ने कहा कि, भागवत कथा से मनुष्यों को ज्ञान व वैराग्य की प्राप्ति होती है। श्रीमद्भागवत कथा जीवन में उद्देश्य व दिशा को दर्शाती है। इसीलिए कहते हैं कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। उसे ईश्वर के श्री चरणों में स्थान मिलता है।
कथा व्यास ने बताया कि, मनुष्य का क्या कर्तव्य है इसका बोध भागवत सुनकर ही होता है। विडंबना यह है कि, मृत्यु निश्चित होने के बाद भी हम उसे स्वीकार नहीं करते हैं। निष्काम भाव से प्रभु का स्मरण करने वाले लोग अपना जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं। प्रभु जब अवतार लेते हैं तो माया के साथ आते हैं। साधारण मनुष्य माया को शाश्वत मान लेता है और अपने शरीर को प्रधान मान लेता है, जबकि शरीर नश्वर है।
भागवत बताता है कि, कर्म ऐसे करो जो निष्काम हो वही सच्ची भक्ति है। कथा व्यास ने सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र, श्रृंगीऋषि के प्रसंग पर अद्भुत व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस मौके पर आनंद मिश्रा, अनूप अवस्थी, अंजनी पांडेय, सुरेश शुक्ला, रमानिवास सिंह, संत प्रसाद मौर्या, अशोक गुप्ता, अवकाश सिंह, रागेंद्र सिंह, बबलू साहू, सत्यम विश्वकर्मा, सुभाष मिश्रा, रामशरण शुक्ला, दिवाकर साहू, पप्पू शुक्ला सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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