रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: सावन मास के दिव्य पावन अवसर पर साम्बसदाशिव महामृत्युंजय भगवान की कृपा से आचार्य चंद्रिका प्रसाद शास्त्री जी महाराज गौरी शंकर धाम पराकला की कृपा पूर्ण आशीर्वाद के फलस्वरूप सप्त दिवसीय महामृत्युंजय जप अनुष्ठान आराधना एवं महा रुद्राभिषेक समारोह कस्बे के वार्ड नंबर-2 आर्य नगर में दिनेश इंटरप्राइजेज उर्फ भल्लू ठेकेदार और उनके छोटे भाई राजेश कुमार परिवार की ओर से जन कल्याण सनातन संस्कृति सुख समृद्धि हेतु किया गया है। इस पावन महोत्सव में महराजगंज नगर एवं श्रद्धालु सेवा में तात्पर्य है। 6 वैदिक विद्वानों के साथ यज्ञाचार्य आचार्य पंडित चंद्रिका शास्त्री जी महाराज द्वारा कार्यक्रम संपन्न हो रहा है, जिससे वातावरण धर्मामय, भक्तिमय, बना हुआ है।
आचार्य पंडित चंद्रिका शास्त्री जी महाराज
आपको बता दें कि, 6 वैदिक विद्वानों पंडित सचिन पांडेय, पंडित राम प्रसाद पांडेय, पंडित सिद्धेश्वर अवस्थी, पंडित दिनेश तिवारी, पंडित दीपू त्रिवेदी, पंडित अतुल पांडेय के साथ यज्ञाचार्य आचार्य पंडित चंद्रिका शास्त्री जी महाराज द्वारा सावन के पहले सोमवार 22 जुलाई 2024 से नित्य वेदध्वनि से पर्यावरण शुद्ध हो रहा है। पूजन, अभिषेक, आरती के पश्चात आचार्य श्री ने अपने संदेश में कहा कि, भगवान शिव की उपासना से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। शिव का अर्थ- कल्याण स्वरूप मंगल के धाम का नाम शिव है। जिनके नाम स्मरण मात्र से ही सर्व अशिष्ट, अमंगलों का विनाश हो जाता है। भगवान शंकर की पूजा का अनादिकाल से ही परम्परा रही है। परिवार समाज, नगर तथा देश में सुख, शांति, समृद्धि, आनंद की प्राप्ति के लिए सदैव शिव जी के शरण में निश्चित भाव से उपासना कल्याण कामी भक्तों में सदा रहना चाहिए, जिससे लौकिक, परलौकिक उत्कृष्ट की प्राप्ति सदैव होती है।
आचार्य जी महाराज ने कहा कि, सकल आधी-व्याधी मय मृत्युपीड़ा, महामारी संकट और अकाल मृत्यु आदि के निवारण हेतु रुद्राभिषेक एवं मृत्युंजय जप आराधना का विशेष महत्व है। आचार्य श्री ने कहा कि, सनातन शास्त्रों में कई प्रकार की मूर्ति पूजा का विधान है, जिसमें प्रमुख रूप से पाप्तमय, गोमय, बालू स्फटिक, पारद, रजत, स्वर्ण, धातु आदि की प्रतिमा की पूजा का विधान है। सकल आधी-व्याधि रोग निवृत्ति अथवा सर्वजन कल्याण के लिए कुशायूम्त जल से अभिषेक के द्वारा लाभ होता है। धनधान्य समृद्धि के लिए इंशुरंस गन्ना के रस से अभिषेक करने का विधान है। पूर्ण प्राप्ति के लिए गौ दुग्ध के द्वारा अभिषेक, वृष्टि के लिए पर्याप्त वर्षा हो इसके जलधारा शिव पिप: पर्याप्त जलाभिषेक होते रहना चाहिए। नर्मदेश्वर शिवलिंग सर्व सिद्धि प्रदायक है, स्फटिक मणि शिवलिंग पारसमणि शिवलिंग पूजन से विशेष सिद्धि की प्राप्ति होती है।
आचार्य चंद्रिका शास्त्री जी महाराज ने श्री राम कथा के माध्यम से समाज मे एकता एवं अखण्डता तथा प्रेम सुख शांति समृद्धि की स्थापना के लिए रामायण का प्रचार गांव गांव में अधिक हो प्रत्येक घरों में बच्चो को रामायण पढ़ने की प्रेरणा मिले, जिससे नैतिक मूल्यों की स्थापना हो सके।
इस कार्यक्रम में छोटेलाल मौर्य, रामस्वरूप यादव उर्फ कल्लू यादव, रामकरन, रितिक कुमार, श्लोक कुमार, स्वाती, खुशी, शुभी, सौम्या, किंजल, श्रवण कुमार एवं परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहकर पूजा, हवन, आरती इत्यादि में भाग लिया।





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