रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष द्वारा जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष एवं महामंत्री से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आपत्तियां आहूत की गई है। इसके संबंध में गुरुवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन रायबरेली के अध्यक्ष कमला शंकर त्रिपाठी एवं महामंत्री राहुल तिवारी ने संयुक्त रूप से आपत्ति प्रस्तुत करते हुए कहा है कि, उक्त अधिनियम विसंगतियों से युक्त है तथा पुलिस प्रशासन को असीमित अधिकार प्रदान किए गए हैं।
आपको बता दें कि, अध्यक्ष श्री त्रिपाठी ने कहा, इसके अतिरिक्त इस अधिनियम के प्रभावी होने से नागरिकों के मौलिक अधिकारों को भी क्षति पहुंचेगी। श्री त्रिपाठी ने बताया कि, भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (2) को लागू नहीं किया गया, जबकि धारा 358 के अनुसार संपूर्ण भारतीय दंड संहिता निरसित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि, ऐसी स्थिति में धारा 106 (2) के अंतर्गत आने वाले अपराध किस अधिनियम से शासित होंगे, यह बहुत ही संदेहास्पद है।
अध्यक्ष एवम महामंत्री ने संयुक्त रूप से इस आशय की आपत्ति बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को मेल के जरिए भेज कर आपत्ति दर्ज करा दी है।


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