दलितों, महिलाओ,समाज के कमजोर तबकों की कत्लगाह बन गया राय बरेली-विजय विद्रोही

सार.......

ग्रामीण खेत मजदूरों के सामने रोजगार का गंभीर संकट है। मनरेगा में काम के अवसर बहुत घट गए हैं, साथ ही जानकारी के अभाव आधार कार्ड लिंक करने में चूक करने के कारण बहुसंख्य मनरेगा मजदूरों को सूची से हटा दिया गया है। 

विस्तार.......

रायबरेली: आज शुक्रवार को भाकपा (माले) ने विकास भवन से जिलाधिकारी कार्यालय पर जुलूस निकालकर जिले में दलितों, महिलाओ, समाज के गरीब व कमजोर तबकों पर हमलों में बेतहाशा वृद्धि के विरुद्ध प्रतिवाद किया। प्रदर्शनकारियो ने जिलाधिकारी कार्यालय पर एक सभा की। भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य विजय विद्रोही ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि, पूरा जिला दलितों, महिलाओ, गरीब और कमजोर लोगो की कत्लगाह बना हुआ है। थाने रिपोर्ट दर्ज करने, घायलों का चिकित्सीय परीक्षण व इलाज कराने तक का न्यूनतम कार्य नही कर रहे हैं। बच्चियों का स्कूल, कॉलेज जाना आना मुश्किल हो गया है। बछरावां थानांतर्गत चुरुआ में एक युवती की नृशंस हत्या में पुलिस द्वारा की गई पर्दादारी और नसीराबाद थानांतर्गत पिछवरिया गांव में एक दलित युवक की हत्या के मामले में एफआईआर में नामित व्यक्ति की गिरफ़्तारी में हीलाहवाली के कारण जनविक्षोभ अपने चरम पर है। पुलिस आलाधिकारी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए कुछ स्वयंभू संगठनों, नेताओं को आगे कर जिले में जातीय उन्माद पैदा कर रही है। 

      विद्रोही ने कहा कि, प्रतिदिन दर्जनों लोग फरियाद के लिए आते हैं, रूह कंपा देने वाली घटनाएं होती रहती हैं। कोई न आवाज सुनने वाला, और न आवाज उठाने वाला। किंतु कुछ चुनिंदा घटनाओं में न जाने कहां से विभिन्न सेनाए प्रकट हो जाती हैं।

    उन्होंने कहा कि, यह धरती 1857 के मुक्तियोद्धा राना बेनी माधव और वीरा पासी की सहगाथाओ की गवाह है। मुंशीगंज में शहादत देने वाले बुधई पासी और गणेश शंकर विद्यार्थी के विरुद्ध चले मुकदमे में जालिम वीर पाल और ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध गवाही देने वाली जनकिया की इस माटी में चंद शियासतदान जातीय उन्माद पैदा कर उस साझी विरासत को तहस नहस करने पर आमदा है। इनके मंसूबों को ध्वस्त करना आज पूर्वजों के सच्चे वारिसो की जिम्मेदारी है। इसे व्यापक मेहनतकश जनता की गोलबंदी के जरिए ही रोका जा सकेगा। 

   हनुमान अंबेडकर ने कहा कि, जिले की एक बड़ी गरीब आबादी नदी, ताल, पोखर, झीलों के किनारे या अन्य सरकारी जमीनों पर कई दशकों से अधिवासित है, ऐसी बसावट के सभी लोगो को उजाड़ने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। ग्रामीण खेत मजदूरों के सामने रोजगार का गंभीर संकट है। मनरेगा में काम के अवसर बहुत घट गए हैं, साथ ही जानकारी के अभाव आधार कार्ड लिंक करने में चूक करने के कारण बहुसंख्य मनरेगा मजदूरों को सूची से हटा दिया गया है। 

    गुलाम अहमद सिद्दीकी ने कहा कि, पिछले वर्ष सरकार ने कम छात्रों का हवाला देकर जिले में 100 से प्राथमिक और जूनियर विद्यालय बंद कर दिए, इस वर्ष फिर यह खेल जारी है। सरकार धीरे-धीरे सभी सरकारी शिक्षण संस्थाओं को बंद कर निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ाने का करने की दिशा में बढ़ रही है। जबकि सरकार को विद्यालयों को उन्नत करने, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था करने पर काम करना चाहिए।

      राम गोपाल, हलीम, डा हलीम महमूद, फूल चंद्र मौर्या, आदि ने भी संबोधित किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें नसीराबाद थानांतर्गत पिछवरिया गांव निवासी दलित युवक अर्जुन की हत्या की एफआईआर में नामित सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाय। पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजा दिये जाने, गरीब गुरबो की एफआईआर दर्ज कराने, उनके चिकित्सीय परीक्षण को सुनिश्चित कराते हुए पूरे जिले में कानून व्यवस्था को जनकल्याण कारी बनाने, स्कूल कॉलेज आने जाने वाली बच्चियों को शोहदों और असामाजिक तत्वों द्वारा परेशान किए जाने पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने और इस तरह की लंबित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही किए जाने, दशकों से बसे लोगो को उन्ही जमीनों का पट्टा देने और उनको दिए गए नोटिस और जारी मुकदमे समाप्त करने, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के द्वारा दिए गए ऋणो को माफी तथा जिले में प्राथमिक विद्यालयों को उन्हे बंद करने की किसी भी कार्यवाही को रोके जाने की मांग की गई है।

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