बच्चों के आधार कार्ड बनवाने/अपडेट कराने में हो रही अवैध वसूली?-जिम्मेदार मौन

सार....... 

⭕ एक लाख से अधिक वेतन पाने वाले शिक्षक बना रहे है आधार कार्ड।

⭕ शासन के निर्देशों के विपरीत कई वर्षों से अप्रत्यक्ष तौर पर सम्बद्ध है यह शिक्षक।

⭕ पूर्व में भी लगे थे गंभीर आरोप।

⭕ बिना विद्यालय गए दोनों शिक्षकों के कैसे हो जाते है हस्ताक्षर।

⭕ हर आधार कार्ड के लिए हो रही 150-200 की वसूली।

⭕ दो प्रधानाध्यापक के सहारे खेला जा रहा है खेल।

⭕ वायरल वीडियों की पुष्टि हेतु प्रशासनिक जांच जरूरी।

विस्तार.....

रायबरेली: जिले के बछरावां ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आधार कार्ड बनाने के नाम पर जमकर अवैध वसूली की जा रही है। रुपये न देने पर शिक्षक आधार कार्ड बनाने से मना कर देते हैं, जिससे आधार कार्ड बनवाने आने वाले लोग वापस लौट जाते हैं। बीआरसी में आधार कार्ड बनने का काम चल रहा है। स्कूलों में बच्चों के प्रवेश से लेकर अन्य कार्यों में आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण लोगों को आधार कार्ड बनवाने की मजबूरी है। उसी मजबूरी का फायदा उठाकर आधार कार्ड बनाने में लगे शिक्षक अपनी जेब भरने में लगे हैं।

     आपको बता दें कि, शासन ने आधार कार्ड नया निशुल्क व संशोधन का मामूली शुल्क तय किया है। उसके बाद भी आधार कार्ड बनाने के कार्य में लगे कर्मचारियों द्वारा छात्र छात्राओं से लेकर आम लोगों तक से धन उगाही की जा रही है। लोग सुबह से कामकाज छोड़ अपने बच्चों को लेकर बीआरसी पर जुट जाते है। अपना नंबर आने का घंटों इंतजार करते हैं।

     चूरूवा निवासी  तेजपाल, सब्जी निवासी राजा पांडेय एवं जहँगीरबाद निवासी राम करन आदि ने बताया कि, पिछले एक सप्ताह से लगातार बीआरसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आधार कार्ड नहीं बन पा रहे। जो लोग 150 से 200 रुपये दे रहे हैं। उन्हीं के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। रुपये न देने वालों को शाम तक बैठाकर संचालक द्वारा सर्वर खराब होना है। बताकर वापस लौटा दिया जाता है।

       मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार मुक्ति राज्य की संकल्पना को बछरावां के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में उनके मातहत शिक्षक खुली चुनौती दे रहें है।

      खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय बछरावां (विसुनपुर) में आधार कार्ड बनाने में लगे शिक्षकों राम दयाल प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय हसवाँ एवं शिव शरन प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय महरौरा जिन पर आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी बछरावां ने सौंप रखी है। आधार कार्ड बनवाने एवम अपडेशन कराने के नाम पर अवैध वसूली मामले का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।जिसमे अभिभावकों से आधार कार्ड नामांकन एवं अपडेशन के नाम पर 150 से 200 रुपये तक अवैध वसूली का आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और इसे मैनेज करने की भरसक कोशिश की जा रही है। 

     मालूम हो कि, सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को आधार पंजीकरण की नि:शुल्क सुविधा प्रदान की गयी है। लेकिन आधार कार्ड बनाने में लगे शिक्षकों द्वारा बच्चों के आधार न बनाकर अन्य लोगों के आधार बनाकर जमकर अवैध वसूली की जा रही है। इससे अधिकारी भी अनजान नहीं है।

      आरोप है कि, पूर्व में हुयी शिकायतों पर कोई ठोस कार्यवाही न होने से आधार बनाने में लगे दोनों शिक्षकों की मनमानी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। शासन द्वारा आधार कार्ड पंजीयन और उसमें सुधार के लिए केंद्र खोले गए हैं। ताकि लोगों के आधार त्रुटि में सुधार हो सके।आश्चर्य की बात तो यह है कि, उच्च प्राथमिक विद्यालय बछरावां जो कि ग्राम बिसुनपुर व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में ही स्थित है में सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में भीड़ इकट्ठा हो जाती है जिससे वहां के शिक्षकों को शिक्षण कार्य करने में कई वर्षों से कठिनाई होती है पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान न देते हुए यह आधार कार्यक्रम बेखौफ संचालित है।

      क्षेत्रवासियों का कहना है कि, विगत 3-4 वर्षों से यह दोनों शिक्षक राम दयाल प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय हसवाँ एवम

शिव शरण आधार कार्ड बनाने में लगे हुए है तथा इनके विद्यालय में मात्र इनके हस्ताक्षर हो रहें है। एक लाख से अधिक वेतन पाने वाले शिक्षकों को आधार कार्ड बनाने में लगाना समझ से परे है।लोगों का यह भी कहना है कि, इन दोनों द्वारा बनाये गए समस्त आधारकार्डों की जांच करा ली जाय तो समस्त सच्चाई सामने आ जायेगी। वायरल वीडियों पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच कराए जाने की बात कहीं जा रहीं है।

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