महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेंडरी कॉलेज में मनाई गई वाल्मीकि जयंती

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: कस्बे के हैदरगढ़ रोड पर स्थित महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेंडरी कॉलेज में बाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई गई। कॉलेज के प्रधानाचार्य कमल बाजपेई ने सम्मानित अध्यापकों के साथ बाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानाचार्य ने संत महर्षि वाल्मीकि की महान उपलब्धियों पर अपने विचार साझा किए।

      आपको बता दें कि, प्रधानाचार्य कमल वाजपेई ने प्रार्थना सभा में अपने विचार साझा करते हुए बच्चों को बताया कि, महर्षि वाल्मीकि का जन्म महर्षि कश्यप और अदिति के नवमं पुत्र वरुण और उनकी पत्नी चर्षणी के घर हुआ था। इनका नाम रत्नाकर रखा गया। बाल्यावस्था में इन्हें जंगल में रहने वाले भील उठा ले गए, जिससे इनका पालन पोषण कबीले के संस्कारों पर हुआ।

       बताते हैं कि, यह जंगल के रास्ते जाने वाले लोगों को पकड़ कर उनका धन आदि ले लेते थे। एक बार नारद जी के साथ सप्त ऋषि जंगल के रास्ते जा रहे थे वाल्मीकि ने उन्हें रोक कर उनसे कीमती वस्तुएं देने को कहा। जिस पर नारद जी ने कहा कि, मेरे पास जो बहुत कीमती चीज है क्या आप उसे ले सकते हैं। रत्नाकर ने इन्हें पेड़ से बांध दिया, तब नारद जी ने कहा कि, आपके पाप कर्म के परिणाम स्वरूप जो मिलेगा क्या उसमें आपका परिवार भी भागीदार होगा। क्योंकि चुराए एवं लूटे गए धन का उपयोग आपका परिवार भी कर रहा है। 

     रत्नाकर जी ने घर में जाकर पूछ तो सभी ने पाप लेने से मना कर दिया। तब रत्नाकर जी को पश्चाताप हुआ तथा नारद जी से उपाय पूछा। नारद जी ने कहा कि, मेरे पास अमूल्य वस्तु रामनाम है। रत्नाकर से राम नाम जप करने को कहा। इन्होंने घोर तपस्या की। दीमक ने इनके शरीर पर बॉबी बना लिया। ईश्वर की प्रेरणा से इन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना की। सभी को मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरित्र से परिचित कराया। 

     वन में सीता माता को वनवास के समय आश्रय दिया। वही लवकुश का जन्म हुआ। उनकी शिक्षा दिक्षा का प्रबंध किया, आप आदि काव्य कहलाए। सभी को महेश वाल्मीकि के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। श्री वाजपेई ने सभी को बाल्मीकि जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं दी।

      इस अवसर पर पी0आर0ओ0 राजीव मिश्रा, रामविलास यादव, सुरेंद्र प्रजापति, मंजू सिंह, सरिता मिश्रा, अमित सिंह, अनुपम सिंह, राज किशोर पाल, नीरू बाजपेई, आदर्श शुक्ला, ज्योति सिंह, शालिनी सिंह, जय सिंह, ज्योति जायसवाल, साधना सिंह, रुचि सिंह, गर्विता सिंह, दिलीप गुप्ता, आलोक यादव, लवलेश सिंह, सौम्या शुक्ला, नेहा सिंह, सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा समस्त स्टाप मौजूद रहा।

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