रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के जाने-माने कवि एवं साहित्यकार 'कविराज' शिवकुमार सिंह शिव दुसौंती को बाराबंकी की पावन भूमि पर हिंदी साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। कवि सम्मेलन में एक से बढ़कर एक वीर रस के कवि श्रृंगार रस के कवि हास्य रस के कवि एक से बढ़कर एक काव्य पाठ प्रस्तुत किए।
आपको बता दें कि, मंगल पुर त्रिवेदी गंज ग्राम सरैंय्या के डेउहारे वीर बाबा के प्रांगण में नव उमंग साहित्य समिति के तत्वावधान में एक विशाल अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं अलंकरण समारोह हुआ जिसका कुशल संचालन समिति के अध्यक्ष वेदप्रकाश सिंह प्रकाश ने किया एवं वाणी वंदना श्रवण कुमार बाजपेई ने की। इस समारोह की अध्यक्षता पूर्व उप बेशिक शिक्षाधिकारी माता प्रसाद अवस्थी ने किया, और मुख्य अतिथि पूर्व कोषागार अधिकारी ज्ञानेंद्र पांडेय अवधी मधुरस रहे।
इस मौके पर जहाँ सुशील चंद्र पांडेय द्वारा रचित पुस्तक "तुलसी मंगल पत्रम्" एवं सुनील कुमार बाजपेई शिवम् द्वारा रचित पुस्तक "भारत की नारियाँ" का विमोचन हुआ, वहीं सुधा सिंह सुधा ने भी अपनी पुस्तक "रिश्तों की डोर" जोकि एक कहानी संग्रह है- भेंट की।
इस अवसर पर जहाँ अन्य कवियों का सम्मान हुआ वहीं नव उमंग साहित्य समिति के अध्यक्ष वेदप्रकाश सिंह प्रकाश एवं शिवकुमार शर्मा तथा शौरभ वर्मा स्माइल द्वारा संयुक्त रूप से, महराजगंज क्षेत्र में साहित्य सुगंध परिवार के साथ साहित्य की अलख जगाने वाले कुशल साहित्यकार कविराज -शिवकुमार सिंह शिव दुसौंती को अंगवस्त्रम् एवं फूल-मालाओं के साथ प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर जगदंबा तिवारी मधुर, रवि मिश्रा रवि, जमुना प्रसाद पांडेय अबोध, कण्ड कुमार मिश्र इश्क सुल्तानपुरी, दिलीप सिंह दीपक, संन्त प्रसाद जिज्ञासु, रत्नेश राज अनुराग, सत्यनाम केवट प्रेमी, जितेन्द्र त्रिवेदी पार्थ आदि कवियों के अलावां मोहित वर्मा, प्रेम शंकर वर्मा के साथ हजारों की संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्र वासी उपस्थित रहे।




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