छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी को बचाने में जुटी सलोन पुलिस

सार.........

⭕ पुलिस अधीक्षक से मिलकर पीड़ित माता पिता ने की न्याय की गुहार।

विस्तार.........

रिपोर्ट महताब खान

रायबरेली: लगभग 2 महीने पूर्व शोहदों के आतंक से परेशान एक छात्रा के आत्महत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आहत पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि, क्षेत्रीय पुलिस आरोपियों से मिलकर उन्हें बचाने का षडयंत्र कर रही है। इसलिए जांच सलोन पुलिस से न कराकर किसी दूसरे सर्किल से कराई जाए। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

      आपको बता दें कि, विवरण के अनुसार सलोन कोतवाली क्षेत्र के पूरे जोधी मजरे मटका गांव निवासी 16 वर्षीय छात्रा ने 10 अक्टूबर को फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली थी। जिसे लेकर स्थानीय पुलिस द्वारा अज्ञात के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पीड़ित परिवार ने गांव के ही दीपक पाल और अजय अग्रहरि निवासी अतरथरिया को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया था। 

     मंगलवार को दिए गए शिकायती पत्र में मृतका की मां ने बताया कि, अजय अग्रहरि कोचिंग सेंटर चलाता है। जहां उनकी बेटी पढ़ने जाया करती थी। इसी दौरान अजय अग्रहरि प्रेम जाल में फंसा कर बेटी के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। जिससे तंग आकर छात्रा ने कोचिंग जाना बंद कर दिया। उसके बाद भी अजय रास्ते में आते-जाते छात्रा को तंग करता रहा। यह बात पीड़िता ने अपने परिवारजन को भी बताई थी। 

    इसके अलावा गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति की बेटी पर भी उसकी बुरी नजर थी। यह दोनों फोन पर अश्लील हरकत और आए दिन फोन कर संबंध बनाने के लिए धमकी देते रहते थे। परेशान होकर छात्रा ने अजय का नम्बर भी ब्लैक लिस्ट कर दिया था। फिर भी राहत नहीं मिली तो लगभग 2 महीने पूर्व छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

      परिवार का कहना है कि, इस घटना को दो महीने बीत चुके हैं। फिर भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उल्टा अजय अग्रहरि को बचाने के लिए सुलह समझौता का दबाव बनाया जा रहा है। जबकि सोशल मीडिया पर मैसेजिंग और काल डिटैल इन दोनों आरोपियों के क्रियाकलापों को उजागर करने के लिए काफी हैं।

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