असनी गौशाला की पड़ताल: गौ सेवा से खुलता है यश-कीर्ति-सौभाग्य का द्वार-दिलीप चौधरी

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की सख्ती के बाद मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में एसडीम महराजगंज सचिन यादव के असनी की अस्थाई गौशाला निरीक्षण के बाद ठंड से बचाव के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। यहां तिरपाल, अलाव, फर्श पर पुआल की व्यवस्था करी गई है। 

पुश चिकित्साधिकारी डा0 सुरेश चंद्रा की देखरेख में महराजगंज क्षेत्र के असनी में स्थापित अस्थाई गौशाला में गोवंशीय को ठंड से बचाव के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। 

पशु चिकित्साधिकारी डॉ सुरेश चंद्रा ने बताया कि, असनी ग्राम पंचायत में स्थापित अस्थाई पशु आश्रय स्थल पर 395 से अधिक गोवंश संरक्षित किए गए हैं। जिनके ठंड से बचाव की समुचित व्यवस्था की गई है।

      आपको बता दें कि, असनी ग्राम पंचायत में स्थापित अस्थाई गौशाला 5 बीघा क्षेत्रफल में बनाई गई है, इसके चारों तरफ मोटी खाई लगवाई गई है जिस पर बल्लियां गाड़कर फ्रंट साइड लोहे की चादर तथा अन्य तीन दिशाओं में वेरीकेटिंग की गई है। 

गौशाला में गोवंशिय के लिए पीने के पानी की सामचित व्यवस्था की गई है जिसके तहत तीन पानी की टंकियां बनाई गई थी, जोकि नाकाफी थी, बीते दिनों एसडीम के औचक निरीक्षण के बाद उनके निर्देश पर गौवंशीय के पीने के पानी के लिए एक नई टंकी का निर्माण करवाया गया है।

    हमारी टीम ने जब गौशाला की पड़ताल की तो पशुओं के खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, पशु आहार, चोकर, हरा चारा में बरसीन आदि मौके पर उपलब्ध मिला। 

5 बीघे क्षेत्रफल में बनाई गई अस्थाई गौशाला में गोवंशीय को रहने के लिए 6 टीन सेट बनाए गए हैं, जिसे चारों तरफ से तिरपाल से बंद किया गया है, ताकि गोवंशियों को ठंड और हवा से राहत मिल सके। इसके अलावा गौशाला में जगह-जगह पशुओं के लिए अलाव की व्यवस्था भी कराई गई है, ताकि अधिक ठंड लगने पर गोवंशीय आग के पास खड़े होकर ठंड से बच सके।

     असनी ग्राम पंचायत की इस अस्थाई गौशाला में 395 गोवंशीय के चारा-पानी, साफ-सफाई तथा देखरेख के लिए 6 केयर टेकर रखे गए हैं, इसके अलावा एक चौकीदार भी रखा गया है जो दिन रात रखवाली करता है।

    इस संबंध में ग्राम प्रधान दिलीप चौधरी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, गौ सेवा सबसे बड़ा पुण्य का काम है। गौ में मां जैसी ममता, करुणा और वात्सल्य है, वह मानव मात्र का हित करने वाली है। इसलिए हमारे पूर्वजों ने गौ सेवा, गौ माता की पूजा, रक्षा को दिनचर्या का अंग बनाया था। 

कहते हैं कि, देशी गायों की सेवा के निमित्त किया गया एक ग्रास का दान भी सुख-समृद्धि-सौभाग्य जगाता है। महाभारत में गौ सेवा की महिमा को लेकर वर्णन है कि, जो व्यक्ति स्त्री-पुरुष सहित सम्पूर्ण कुटुम्ब गौ माता की सेवा करता है, उनकी पवित्र सान्निध्य का उपयोग करता है, गौ माता को सन्तुष्ट रखता है, उसे गौ माता अत्यन्त दुर्लभ आशीर्वाद प्रदान करती है, जिससे सौभाग्य जगते हैं।

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