महराजगंज/रायबरेली: कस्बे के हैदरगढ़ रोड पर स्थित महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेंडरी कॉलेज में देश की आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई। प्रधानाचार्य कमल वाजपेई ने बताया कि, ब्रिटिश शासन से देश की आजादी की लड़ाई के दौरान नेताजी ने अपने नारों से देशभक्ति की अलख जगा दी थी, जिसमें "जय हिंद", "दिल्ली चलो" तथा "तुम मुझे खून दो, "मैं तुम्हें आजादी दूंगा" आदि प्रमुख रहे।
आपको बता दे कि, विद्यालय के प्रधानाचार्य कमल वाजपेई ने कहा कि, सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 उड़ीसा के कर्नाटक में बंगाली परिवार में हुआ था, इनकी माता का नाम प्रभावती तथा पिता का नाम जानकीनाथ था। सुभाष चंद्र बोस ने इंडियन सिविल सर्विस परीक्षा पास की, लेकिन देश की आजादी के लिए इस पद की बलि दे दी। सुभाष चंद्र बोस ने 1937 में अपनी सेक्रेटरी और ऑस्ट्रेलियन युवती एमिली से शादी कर ली थी। सुभाष चंद्र बोस की बेटी भी थी, जिसका नाम अनीता है जो वर्तमान में जर्मनी में परिवार के साथ रह रही हैं।
श्री वाजपेई ने कहा कि, सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद फौज की स्थापना की, उन्होंने आजाद हिंद फौजी के नाम से रेडियो स्टेशन भी शुरू किया था। उन्होंने म्यांमार (पूर्व वर्मा) में तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा,, का नारा लगाया था। दूसरे विश्व युद्ध के समय बोस ने सोवियत संघ, नाजी, जर्मनी, जापान आदि देशों से ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सहयोग मांगा था, जिससे उन पर फासी वादी होने का आरोप लगा था। 18 अगस्त 1945 को ताइपई में हुए विमान दुर्घटना में मृत्यु तथा तीसरी कमेटी ने कहा दुर्घटना के बाद नेताजी जिंदा थे, जिसको लेकर मतभेद है।
श्री वाजपेई ने कहा कि, आज का दिन करिश्माई नेता, प्रेरक व्यक्तित्व और महान स्वतंत्रता योद्धा सुभाष चंद्र बोस को नमन् कर श्रद्धांजलि अर्पित करने का है, जिन्होंने आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
प्रधानाचार्य ने काव्यांजलि प्रस्तुत की उन्होंने कहा कि.......
⭕ आजाद हिंद का गठन किया, आईएएस के पद को त्यागा,
⭕ सारी दुनिया को एक किया दौड़ा-दौड़ा भागा भागा।।
⭕ हर जगह पराकाष्ठा पाई, शिक्षक से श्रेष्ठ शिष्य भाई,
⭕ गोऱो को ऐसा घेरा था सब देश आपके अनुयायी।।
⭕ भारत मां तो आजाद हुई तुम देवदूत बना कहां गए है,
⭕ है पता नहीं जनमानस को, पूछे सबसे बच्चा-बच्चा।।
⭕ है बोस कमल का कोर्ट नमन् यह देश तुम्हारा कर्जी है,
⭕ नेताजी असली तुम ही थे, बाकी बोले तो फर्जी हैं।।
इस मौके पर राजीव मिश्रा, सुरेंद्र प्रजापति, अमरेंद्र प्रजापति, अनिमेष मिश्रा, सरिता मिश्रा, नीरू बाजपेई, आलोक राज, किशोर, लक्ष्मी सिंह, साधना सिंह, नेहा सिंह, ज्योति सिंह, शालिनी सिंह, जय सिंह, राधा शुक्ला, आलोक यादव, दिलीप गुप्ता, रामविलास, सौम्या बाजपेई, रामजी, अयोध्या प्रसाद, सुनीता, जगदीश तिवारी, गोमती समेत शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।


0 टिप्पणियाँ