रजनीकांत अवस्थी
महाराजगंज/रायबरेली: यूपी के रायबरेली में एसडीएम महराजगंज के जनता दर्शन में गुरुवार को किसान द्वारा एक गांव में तैनात लेखपाल पर स्वामित्व योजना सर्वे कार्य में ₹50,000 मांगने की शिकायत की गई। मामले में एसडीएम ने तहसीलदार मंजुला मिश्रा से त्वरित रिपोर्ट मांगी, जिसके बाद तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक ने मौके पर जांच की, तो शिकायत की पुष्टि हुई। एसडीएम सचिन यादव ने जनता दर्शन की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लेखपाल को जांच रिपोर्ट पर प्रथम दृश्टया दोषी मानते हुए गुरुवार को ही देर शाम तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसडीएम की इस कार्यवाही से स्वामित्व योजना सर्वे के कार्य में घालमेल करने वाले लेखपालों में हड़कंप मचा है।
आपको बता दें कि, महराजगंज तहसील क्षेत्र के कुबना गांव निवासी जीत बहादुर सिंह पुत्र जगदीश सिंह ने गुरुवार को सुबह लगभग 11:00 बजे के करीब जनता दर्शन की सुनवाई के समय एसडीएम सचिन यादव से मिलकर गांव में तैनात लेखपाल प्रीति गुप्ता पर आबादी के रूप में दर्ज 441 (क) रकबा 0.016 हेक्टेयर भूमि स्वामित्व योजना सर्वे में आबादी की भूमि दर्ज करने को लेकर 50 हजार रुपए मांगने की शिकायत की गई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने तहसीलदार मंजुला मिश्रा से गुरुवार को ही जांच रिपोर्ट मांगी।तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक को मौके पर भेज कर शिकायत की जांच कराई तो शिकायत की पुष्टि हुई।
तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने देर शाम क्षेत्रीय लेखपाल प्रीति गुप्ता को स्वामित्व योजना सर्वे के कार्य में पैसे के लेनदेन के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसडीएम श्री यादव ने संबंधित लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करते हुए राजस्व निरीक्षक कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है। उन्होंने नायब तहसीलदार महराजगंज उमेश चंद्र त्रिपाठी को विभागीय कार्यवाही हेतु जांच अधिकारी नामित किया है।
एसडीएम की इस कार्यवाही से सरकार की अति महत्वपूर्ण स्वामित्व सर्वे घरौनी योजना में खाघमेल करने वाले लेखपालों में हड़कंप मचा है। एसडीएम श्री यादव ने बताया कि, स्वामित्व योजना सर्वे आबादी भूमि दर्ज करने के मामले की और शिकायतें आई हैं, जांच कराई जा रही है, शिकायत की पुष्टि हुई तो संबंधित के खिलाफ भी कठोर कार्यवाही की जाएगी।


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