रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओ0पी0 यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मण्डल जिलाधिकारी से मिलकर एक माँग-पत्र देना चाहता था, लेकिन जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी से लेकर सिटी मजिस्ट्रेट तक एक भी अधिकारी उपस्थित नहीं मिले, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने माँग-पत्र लेरक जिलाधिकारी तक पहुँचाने का आश्वासन दिया। ओ0पी0 यादव ने बिना शर्त जेल में बंद सपाईयों की रिहाई की मांग की है।
आपको बता दें कि, प्रतिनिधि मण्डल में के0के0 सिंह, राजेश यादव, रमाकान्त चोधरी, राम अवध यादव, शिव कुमार अग्रहरि, राम प्रकाश यादव, योगन्द्र सिंह मौर्य, कमलेश कुमार यादव, पंकज शर्मा, रामदेव यादव, श्रवण कुमार पटेल, धर्मेश लोधी आदि अधिवक्ता प्रमुख थे।
जिलाधिकारी को भेजे गये मांग-पत्र में लिखा गया कि, दिनाँक 19 दिसम्बर 2019 को जन समस्याओं के लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा शहीद चैक निकट डिग्री कालेज रायबरेली में धरना दिये जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। सपा कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के जिला मुख्यालय सुपर मार्केट रायबरेली के कार्यालय में एकत्र हो रहे थे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय के अन्दर से पुलिस हिरासत में ले लिया गया। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं किया गया, जिससे शांति भंग की सम्भावना रही हो।
इसके बावजूद निर्दोष 09 सपा कार्यकर्ताओं को अन्तर्गत धारा-107/116/151 जा0फौ0 में जिला कारागार रायबरेली भेज दिया गया है। जहाँ वे दिनांक 19 दिसंबर 2019 से निरूद्ध हैं। जिला कारागार में पहले से ही क्षमता से अधिक बन्दी निरूद्ध है। इन राजनैतिक बन्दियों को जिला कारागार में पर्याप्त सुविधाएँ देने में जेल प्रशासन/ जिला प्रशासन सक्षम नहीं हो पा रहा है। राजनैतिक बन्दियों को पर्याप्त विस्तर, शुद्ध भोजन, पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इनमें कई कार्यकर्ता बीमार है, जिनका सही उपचार भी नहीं हो पा रहा है।
मांग-पत्र के माध्यम से अधिवक्ता प्रतिनिधि मण्डल द्वारा जिलाधिकारी से मांग की है है कि, जिला कारागार में बन्द सपा कार्यकर्ताओं को बिनाशर्त रिहा किया जाए।
रायबरेली: सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओ0पी0 यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मण्डल जिलाधिकारी से मिलकर एक माँग-पत्र देना चाहता था, लेकिन जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी से लेकर सिटी मजिस्ट्रेट तक एक भी अधिकारी उपस्थित नहीं मिले, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने माँग-पत्र लेरक जिलाधिकारी तक पहुँचाने का आश्वासन दिया। ओ0पी0 यादव ने बिना शर्त जेल में बंद सपाईयों की रिहाई की मांग की है।
आपको बता दें कि, प्रतिनिधि मण्डल में के0के0 सिंह, राजेश यादव, रमाकान्त चोधरी, राम अवध यादव, शिव कुमार अग्रहरि, राम प्रकाश यादव, योगन्द्र सिंह मौर्य, कमलेश कुमार यादव, पंकज शर्मा, रामदेव यादव, श्रवण कुमार पटेल, धर्मेश लोधी आदि अधिवक्ता प्रमुख थे।
जिलाधिकारी को भेजे गये मांग-पत्र में लिखा गया कि, दिनाँक 19 दिसम्बर 2019 को जन समस्याओं के लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा शहीद चैक निकट डिग्री कालेज रायबरेली में धरना दिये जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। सपा कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के जिला मुख्यालय सुपर मार्केट रायबरेली के कार्यालय में एकत्र हो रहे थे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय के अन्दर से पुलिस हिरासत में ले लिया गया। सपा कार्यकर्ताओं द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं किया गया, जिससे शांति भंग की सम्भावना रही हो।
इसके बावजूद निर्दोष 09 सपा कार्यकर्ताओं को अन्तर्गत धारा-107/116/151 जा0फौ0 में जिला कारागार रायबरेली भेज दिया गया है। जहाँ वे दिनांक 19 दिसंबर 2019 से निरूद्ध हैं। जिला कारागार में पहले से ही क्षमता से अधिक बन्दी निरूद्ध है। इन राजनैतिक बन्दियों को जिला कारागार में पर्याप्त सुविधाएँ देने में जेल प्रशासन/ जिला प्रशासन सक्षम नहीं हो पा रहा है। राजनैतिक बन्दियों को पर्याप्त विस्तर, शुद्ध भोजन, पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इनमें कई कार्यकर्ता बीमार है, जिनका सही उपचार भी नहीं हो पा रहा है।
मांग-पत्र के माध्यम से अधिवक्ता प्रतिनिधि मण्डल द्वारा जिलाधिकारी से मांग की है है कि, जिला कारागार में बन्द सपा कार्यकर्ताओं को बिनाशर्त रिहा किया जाए।

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