द्वितीय बैच में 69 सुगम कर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण।। Raebareli news ।।

मीना राजू मंच सुगम कर्ताओं के द्वितीय बैच का प्रशिक्षण सम्पन्न

 रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ बीआरसी सभागार में मीना राजू मंच सुगम कर्ताओं का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में सुगम कर्ताओं को मीना राजू मंच के कार्य, मीना मंच का दायित्व, पोस्टर प्रदर्शन, रोल प्ले, स्वास्थ्य, लिंग भेद, नशीले पदार्थों के सेवन से नुकसान, बाल विवाह, बाल अखबार का निर्माण, बाल अखबार पर चर्चा एवं प्रस्तुतीकरण, सुरक्षित मातृत्व, किशोर-किशोरी, स्वास्थ्य, घरेलू हिंसा, अंधविश्वास, समय प्रबंधन, कानूनी अधिकार की विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।
       आपको बता दें कि, प्रोजेक्टर के माध्यम से बालिका शिक्षा पर आधारित पहेली की सहेली टेली फिल्म दिखाकर सुगम कर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षिका शशि वर्मा, संतोषी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि, मीना राजू मंच के द्वितीय बैच का प्रशिक्षण 18 दिसंबर से चल रहा था। द्वितीय बैच में कुल 69 सुगम कर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन पहुंचे बालिका शिक्षा के रिसोर्स पर्सन एस0एस0 पाण्डेय ने सुगम कर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, मीना राजू मंच का मुख्य उद्देश्य सभी बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता के प्रति जागरूक करके उनका सर्वांगीण विकास करना है।
      प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन के अवसर पर उपस्थित खण्ड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार कनौजिया ने शुभम कर्ताओं को वूमेन पावर 1090, महिला एवं बालिका सुरक्षा हेल्पलाइन  181, चाइल्ड हेल्पलाइन  1098, पुलिस हेल्पलाइन 112, एंबुलेंस हेल्पलाइन 108,102 की विस्तृत रूप से जानकारी दी। श्री कन्नौजिया ने सुगम कर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, मीना राजू मंच का दिया गया प्रशिक्षण बालक बालिकाओं के लिए काफी कारगर साबित होगा। जिससे छात्र-छात्राओं का शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा। सुगम कर्ता पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने-अपने विद्यालय में मीना राजू मंच का आयोजन करके छात्राओं को जागरूक करने के साथ ही उनमें शिक्षा की अलख जगायेंगे।
      प्रशिक्षिका संतोषी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि, मीना राजू मंच में 22 लोगों की कार्यकारिणी बनाई जाती है जिसमें 7 बालक 14 बालिका व एक माता समूह की सक्रिय महिला रहती हैं। मीना मंच का आयोजन प्रत्येक शनिवार को मध्यान भोजन के पश्चात शिक्षण कार्य रोककर किया जाता है।

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