आखिर कब बंद होगी नाबालिक बच्चों के साथ यातनाएं।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
बछरावां/रायबरेली: जहाँ एक तरफ सरकार द्वारा गरीब बच्चों के बेहतर जीवन के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत 6 से 14 वर्ष के  बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। जिससे उनको भविष्य में कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े। तो वहीं दूसरी तरफ बछरावां क्षेत्र के होटलों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नाबालिग बच्चों को कप प्लेट धोते हुए खुलेआम देखा जा सकता है साथ ही साथ वह अपने मालिक की यातनाओं का भी शिकार होते हैं। जिनको देखने वाला कोई नहीं है। आम आदमी उन बच्चों की यह हालात देखकर, यह सोचकर ही मौके से चले जाते हैं कि, इससे मुझे क्या मतलब ?
       आपको बता दें कि, मामला लखनऊ-प्रयाग राज हाईवे पर बछरावां में मुख्य चौराहे के पास सलमान नॉनवेज के नाम से चल रहे होटल का है। जहां पर होटल के मालिक द्वारा नाबालिग बच्चों से जबरिया काम कराया जाता है और एक मिनट भी बच्चों के खड़ा होने पर बेरहमी से मारा-पीटा जाता है। बच्चों के साथ हो रही यातनाएं कब रुकेगी और वह अपना बेहतर जीवन कब जी सकेंगे। यह एक यक्ष प्रश्न है। आज आजादी के लगभग 72 वर्ष पूरे होने को है लेकिन, इनको देख कर लगता है कि, बच्चे आज भी आजाद भारत में गुलाम है।
         क्यों नहीं प्रशासन इन पर सख्ती से कार्यवाही करके इनको नेस्तानाबूद करें ताकि, ऐसे लोग अबोध बालकों के साथ घिनौना काम करने की सोच भी ना सके।
      बात यहीं खत्म नहीं होती है मिली जानकारी के मुताबिक इनको खाने के लिए जूठन भी दिया जाता है। जिसको वह किसी तरह खाकर अपनी क्षुधा को शांत करते हैं। क्रूर होटल मालिक की बर्बरता तो तब दिखाई पड़ी जब 8 वर्ष के एक बालक के पेट पर लात से मारकर गिरा दिया और लगातार लात घूसों से मारता रहा और अबोध बालक दोनों हाथ जोड़कर दया की भीख मांगता रहा। लेकिन तब भी निर्दई होटल मालिक को रहम न आया।
      वहीं पड़ोस में रहने वाले पेशे से शिक्षक अभिनव अवस्थी ने बताया कि, आए दिन लड़कों के साथ होटल मालिक द्वारा मारपीट करना आम बात हो गई है और इसके साथ ही साथ नॉनवेज होटल की बची छीछालेदर गंदगी हड्डियां, मांस इत्यादि सड़क पर डालकर राहगीरों के लिए मुसीबत का सामना भी उत्पन्न करते हैं और सड़क पर फैली गंदगी संक्रामक रोगों को दावत दे रही है।

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