रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज विकासखंड क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था रामभरोसे चल रही है तो, वहीं महराजगंज विकासखंड में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने कार्यालय पर उपस्थित न रहने के कारण निलंबित शिक्षक भी आए दिन नदारद रहते हैं। जिसकी चर्चा संपूर्ण क्षेत्र में जोरों पर है।
आपको बता दें कि, महराजगंज कस्बा के हैदरगढ़ रोड पर स्थित कार्यालय खंड शिक्षाधिकारी का निरीक्षण करने पहुंचे क्षेत्रीय संवाददाताओं ने जब पाली गांव स्थित 11 बजकर 55 मिनठ पर पहुंचे तब खंड शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालय पर नदारद मिले, तो वहीं तैनात संतोष कुमार लिपिक मौजूद रहे। जबकि महीनों से निलंबित चल रहे पांचों शिक्षक क्रमश: बदन सिंह कुसुढ़ी सागरपुर, मंजू मिश्रा जमुरावां, बिन्दा प्रसाद कैड़ावा, राम आशीष गंगागंज, उपेंद्र सिंह गंगागंज भी अनुपस्थित मिले।
विदित हो कि, उक्त पांचों शिक्षक पूर्व में मिडडेमिल की अव्यवस्था, विद्यालय न जाना जैसी अनियमितताओं के चलते जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच करवाकर दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश में यह साफ और स्पष्ट लिखा गया था कि, प्रतिदिन कार्यालय खंड शिक्षाधिकारी के जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। लेकिन निलंबन के बाद से ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों की यह पांचो शिक्षक धज्जियां उड़ाते नजर आए।
जबकि, शिक्षा विभाग में यह साफ निर्देश भी है कि, यदि किसी शिक्षक के खिलाफ निलंबन का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाता है तो, निलंबन की अवधि में सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी में उपस्थित होकर उपस्थित पंजिका में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यदि नहीं उपस्थित होते हैं तो, उन्हें जीवन यापन के लिए सरकार से दीया सजाने वाला भत्ता रोक दिया जाएगा।
लेकिन महराजगंज विकासखंड में बैठे खंड शिक्षा अधिकारी की खाऊ कमाऊ नीति के चलते निलंबित पांचों शिक्षक सेटिंग गेटिंग के तहत कार्यालय उपस्थित न होकर अपने घर में ऐसोआराम फरमा रहे हैं। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा दिया गया आदेश दरकिनार करते हुए अपने ही विभाग के आदेश की खिल्ली उड़ा रहे हैं।
मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, यदि निलंबित शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं तो, जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज विकासखंड क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था रामभरोसे चल रही है तो, वहीं महराजगंज विकासखंड में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने कार्यालय पर उपस्थित न रहने के कारण निलंबित शिक्षक भी आए दिन नदारद रहते हैं। जिसकी चर्चा संपूर्ण क्षेत्र में जोरों पर है।
आपको बता दें कि, महराजगंज कस्बा के हैदरगढ़ रोड पर स्थित कार्यालय खंड शिक्षाधिकारी का निरीक्षण करने पहुंचे क्षेत्रीय संवाददाताओं ने जब पाली गांव स्थित 11 बजकर 55 मिनठ पर पहुंचे तब खंड शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालय पर नदारद मिले, तो वहीं तैनात संतोष कुमार लिपिक मौजूद रहे। जबकि महीनों से निलंबित चल रहे पांचों शिक्षक क्रमश: बदन सिंह कुसुढ़ी सागरपुर, मंजू मिश्रा जमुरावां, बिन्दा प्रसाद कैड़ावा, राम आशीष गंगागंज, उपेंद्र सिंह गंगागंज भी अनुपस्थित मिले।
विदित हो कि, उक्त पांचों शिक्षक पूर्व में मिडडेमिल की अव्यवस्था, विद्यालय न जाना जैसी अनियमितताओं के चलते जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच करवाकर दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश में यह साफ और स्पष्ट लिखा गया था कि, प्रतिदिन कार्यालय खंड शिक्षाधिकारी के जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। लेकिन निलंबन के बाद से ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों की यह पांचो शिक्षक धज्जियां उड़ाते नजर आए।
जबकि, शिक्षा विभाग में यह साफ निर्देश भी है कि, यदि किसी शिक्षक के खिलाफ निलंबन का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाता है तो, निलंबन की अवधि में सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी में उपस्थित होकर उपस्थित पंजिका में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यदि नहीं उपस्थित होते हैं तो, उन्हें जीवन यापन के लिए सरकार से दीया सजाने वाला भत्ता रोक दिया जाएगा।
लेकिन महराजगंज विकासखंड में बैठे खंड शिक्षा अधिकारी की खाऊ कमाऊ नीति के चलते निलंबित पांचों शिक्षक सेटिंग गेटिंग के तहत कार्यालय उपस्थित न होकर अपने घर में ऐसोआराम फरमा रहे हैं। जिससे यह साफ जाहिर होता है कि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा दिया गया आदेश दरकिनार करते हुए अपने ही विभाग के आदेश की खिल्ली उड़ा रहे हैं।
मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, यदि निलंबित शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं तो, जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।




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