रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज क्षेत्र के मऊ गर्बी गांव के रहने वाले हिंदी दैनिक समाचार पत्र के वरिष्ठ संवाददाता शिवाकांत अवस्थी की पुत्री कक्षा 11 की छात्रा श्रिन्जिनी अवस्थी को बचपन से ही जानवरों से बड़ा स्नेह है। इन्होंने अपने घर में 10 बारह कुत्ते तथा खरगोश पाल रखे हैं, जिनकी आपस में खूब बनती है। साथ में रहना घूमना और एक साथ भोजन करना इन जानवरों की हॉबीज बन चुकी है।
इन जानवरों के रखरखाव और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी कक्षा 11 की छात्रा श्रिन्जिनी बखूबी निभाती है। स्कूल जाने से पहले इन जानवरों के लिए खाने का पूरा प्रबंध कर तभी स्कूल जाती है और हर दूसरे दिन इन जानवरों को नहला धुला कर साफ सुथरा रखना इनका शौक बन चुका है।
श्रिन्जिनी अवस्थी बताती हैं कि, इन्हें इन जानवरों से इतना लगाव हो गया है कि, इन्हें छोड़ कर यह कहीं नाते रिश्तेदारी भी नहीं जाती है। स्कूल से आने के बाद पढ़ाई और इन जानवरों की देखभाल करने के अलावां घर में मां के साथ उनके कामों में कुछ हाथ बंटाती है। जिससे इनकी मां भी अपने दो बेटों और दो बेटियों में श्रिन्जिनी को ही सबसे ज्यादा स्नेह और प्यार करती हैं।
महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज क्षेत्र के मऊ गर्बी गांव के रहने वाले हिंदी दैनिक समाचार पत्र के वरिष्ठ संवाददाता शिवाकांत अवस्थी की पुत्री कक्षा 11 की छात्रा श्रिन्जिनी अवस्थी को बचपन से ही जानवरों से बड़ा स्नेह है। इन्होंने अपने घर में 10 बारह कुत्ते तथा खरगोश पाल रखे हैं, जिनकी आपस में खूब बनती है। साथ में रहना घूमना और एक साथ भोजन करना इन जानवरों की हॉबीज बन चुकी है।
इन जानवरों के रखरखाव और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी कक्षा 11 की छात्रा श्रिन्जिनी बखूबी निभाती है। स्कूल जाने से पहले इन जानवरों के लिए खाने का पूरा प्रबंध कर तभी स्कूल जाती है और हर दूसरे दिन इन जानवरों को नहला धुला कर साफ सुथरा रखना इनका शौक बन चुका है।
श्रिन्जिनी अवस्थी बताती हैं कि, इन्हें इन जानवरों से इतना लगाव हो गया है कि, इन्हें छोड़ कर यह कहीं नाते रिश्तेदारी भी नहीं जाती है। स्कूल से आने के बाद पढ़ाई और इन जानवरों की देखभाल करने के अलावां घर में मां के साथ उनके कामों में कुछ हाथ बंटाती है। जिससे इनकी मां भी अपने दो बेटों और दो बेटियों में श्रिन्जिनी को ही सबसे ज्यादा स्नेह और प्यार करती हैं।



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