रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के श्री बरखण्डी विद्यापीठ इण्टर कॉलेज शिवगढ़ के 50 एनसीसी छात्रों ने सेकंड ऑफिसर लेफ्टिनेंट धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में विद्यालय प्रांगण से पैदल मार्च करते हुए क्षेत्र के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री बरखण्डीनाथ महादेव मंदिर प्रांगण में पहुंचकर स्वच्छता अभियान चलाकर मंदिर प्रांगण की साफ-सफाई की।
आपको बता दें कि, लेफ्टिनेंट धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि, कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण देने के साथ ही उन्हें भारतीय सभ्यता और संस्कृति को निरंतर आगे तक ले जाने के लिए उनसे नैतिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ0 त्रिद्विवेंद्रनाथ त्रिपाठी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि, स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ वातावरण अत्यंत आवश्यक है। स्वस्थ वातावरण के बिना स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान बेहद महत्वाकांक्षी है। पीएम मोदी ने 5 वर्षों में लोगों की सोच को बदल कर रख दिया है।
शिक्षित- अशिक्षित हर कोई कूड़ा कचरा फेंकने से पहले एक बार डस्टबिन के लिए इधर उधर नजर फेरता है। श्री त्रिपाठी ने आगे कहा है कि, कैडेट्स द्वारा की गई मंदिर प्रांगण की साफ सफाई उनके संस्कारों की परिचायक है।
शिवगढ़/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के श्री बरखण्डी विद्यापीठ इण्टर कॉलेज शिवगढ़ के 50 एनसीसी छात्रों ने सेकंड ऑफिसर लेफ्टिनेंट धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में विद्यालय प्रांगण से पैदल मार्च करते हुए क्षेत्र के सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री बरखण्डीनाथ महादेव मंदिर प्रांगण में पहुंचकर स्वच्छता अभियान चलाकर मंदिर प्रांगण की साफ-सफाई की।
आपको बता दें कि, लेफ्टिनेंट धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि, कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण देने के साथ ही उन्हें भारतीय सभ्यता और संस्कृति को निरंतर आगे तक ले जाने के लिए उनसे नैतिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ0 त्रिद्विवेंद्रनाथ त्रिपाठी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि, स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ वातावरण अत्यंत आवश्यक है। स्वस्थ वातावरण के बिना स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान बेहद महत्वाकांक्षी है। पीएम मोदी ने 5 वर्षों में लोगों की सोच को बदल कर रख दिया है।
शिक्षित- अशिक्षित हर कोई कूड़ा कचरा फेंकने से पहले एक बार डस्टबिन के लिए इधर उधर नजर फेरता है। श्री त्रिपाठी ने आगे कहा है कि, कैडेट्स द्वारा की गई मंदिर प्रांगण की साफ सफाई उनके संस्कारों की परिचायक है।


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