पंडा समाज के दंगल से बच निकले मुख्यमंत्री

मिर्जापुर। गंगा-यात्रा के सिलसिले में मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी सबसे पहले जगत्जननी के श्रीचरणों में शीश नवाने गए । अभी वे मंदिर परिक्रमा कर ही रहे थे कि विन्ध्य कॉरिडोर को लेकर पंडा समाज का एक तबका पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष श्री राजन पाठक के साथ ज्ञापन लेकर खड़ा हो गया । इस वर्ग का कहना था कि कॉरिडोर बनने से बहुतों की रोजीरोटी छिन जाएगी, वहीं श्री योगी को दर्शन करा रहे विधायक तथा पुरोहित श्री रत्नाकर मिश्र ने कह दिया कि यह विरोध श्री राजन पाठक का है, जो कॉन्ग्रेसी हैं । विधायक के इस कथन पर श्री पाठक के साथ के पंडा वर्ग ने विधायक पर अनेक आरोप लगाए । इस द्वंद्वात्मक स्थिति से मुख्यमंत्री कुछ बोले नहीं और सीधे पुरानी वीआईपी पर खड़ी अपनी गाड़ी में आकर बैठ रवाना हो गए ।
 अटलजी पूर्वाभिमुख तो सरदार पटेल उत्तराभिमुख---
अपने दौरे में मुख्यमंत्री ने विंध्याचल के अमरावती में कपड़ों तथा रस्सियों से बंधी पूर्व पीएम अटल जी की मूर्ति का अनावरण किया तो अटल जी का मुख पूर्व दिशा में और पूर्व गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति का अनावरण किया तो वे उत्तर दिशा में मुंह किए हुए है । यह संयोग ही है कि धर्मकर्म में पूर्व और उत्तर दिशाएं महत्त्वपूर्ण होती हैं और दोनों नेताओं की मूर्तियां इसको पुष्ट कर रही हैं ।
 श्रीमती अनुप्रिया के लिए बजी ताली--
महालक्ष्मी स्वरुपा मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन से शुरु कार्यक्रम में महालक्ष्मी की अनुकम्पा पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल के भाषण पर बजी तालियों की गड़गड़ाहट से मिलती दिखी । मां लक्ष्मी की स्तुति में लिखे श्रीसूक्त में उल्लिखित है कि लक्ष्मी जी ताली बजाने से प्रसन्न होती हैं । सो, जब श्रीमती पटेल ने जीआईसी में विंध्य विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की तो उपस्थित जनसमुदाय की तालियां स्वमेव बजने लगीं ।
बार-बार गिफ्ट से परहेज---
जीआईसी फील्ड पर भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने एक बार कोई मूर्ति गिफ्ट के रूप में मंच पर दी तो मुख्यमंत्री ने उसे ले लिया । उत्साह में यही पदाधिकारी पुनः गिफ्ट लेकर आगे बढ़े तो मुख्यमंत्री ने गिफ्ट लेने से इनकार कर दिया ।
 'पास' ने कर दिया 'फेल'---
भाजपा के बड़े बड़े और तपे तपाए लोग अष्टभुजा पर लखनऊ से मुख्यमंत्री के साथ आए सुरक्षाकर्मियों द्वारा धकिया दिए गए जब वे डांकबंगले में घुसने की कोशिश कर रहे थे । हुआ यह कि मुख्यमंत्री की जीआईसी में आयोजित जनसभा के लिए पास निर्गत किया गया था लेकिन ये कार्यकर्ता यही पास अष्टभुजा पहुंच गए जहां उनका पास काम नहीं आया और वे फेल हो गए ।
 प्रशासन हुआ उत्तीर्ण---
कतिपय सपाइयों को मुख्यमंत्री की सभा में विघ्न की आशंका में घेरेबंदी कर सकुशल विविध आयोजन सम्पन्न होने से प्रशासनिक अधिकारियों को राहत मिली । मुख्यमंत्री के आगमन और गंगा यात्रा को लेकर कमिश्नर श्रीमती प्रीति शुक्ला, IG श्री पीयूष श्रीवास्तव, DM श्री सुशील कुमार पटेल तथा SP डॉ धर्मवीर यह भूल गए थे कि जो रात होती है, उसमें सोया जाता है। मीटिंगें करते करते फिर सबेरा हो जाता रहा । जबर्दस्त आपसी ट्यूनिंग काम आई ।
                       सलिल पांडेय, मिर्जापुर 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ