रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: ई.वी.एम., सी.ए.ए., एन.पी.आर. एन.आर.सी. के विरोध में 29 जनवरी 2020 को भारत बन्द का आयोजन विभिन्न संगठनों द्वारा किया गया। रायबरेली में ओ.पी. यादव यूथ ब्रिगेड एवं राष्ट्रीय पासी सेना ने सभी माँगों के समर्थन करते हुए भारत बन्द में बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभायी। ओ.पी. यादव यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष संजय पासी ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्र्यापण किया। माल्र्यापण करने के बाद सी.ए.ए., ई.वी.एम. एन.पी.आर. व एन.आर.सी. के विरोध में गगन भेदी नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
क्या आपको बता दें कि, राष्ट्रीय पासी सेना के अध्यक्ष एवं यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष संजय पासी ने कहा कि, आज देश मँहगाई मंदी, भुखमरी, बेकारी, बेरोजगारी, बीमारी, लाचारी से गुजर रहा है। देश का विकास अवरूद्ध है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। संवैधानिक संस्थाओं को सरकार अपनी सुविधानुसार नियंत्रित कर रही है। सभी बातों से ध्यान हटाने के लिए सरकार सी.ए.ए. एन.पी.आर. व एन.आर.सी. लेकर आयी है, जो संविधान की मूल भावना के विरूद्ध है।
ई.वी.एम. का दुरूप्रयोग कर सरकारें बनायी जा रही है, जिससे लेाकतंत्र कमजोर हो रहा है। देश के प्रधानमन्त्री व गृहमन्त्री एक मत नहीं है। अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग बातें करते हैं। संसद में कुछ कहते हैं सड़क पर कुछ कहते हैं, जिससे सरकार अपना विश्वास खो चुकी है। जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
आन्दोलन में देशराज पासी, सुरेश, राहुल, धीरज, राजाराम, पुनई पासी, रामहर्ष, अनुज, विमल किशोर, उमेश यादव, धर्मेन्द्र पासी, सुशील मौर्या, राम सुमिरन, हनोमान आदि लोग ने भागीदारी निभायी।
रायबरेली: ई.वी.एम., सी.ए.ए., एन.पी.आर. एन.आर.सी. के विरोध में 29 जनवरी 2020 को भारत बन्द का आयोजन विभिन्न संगठनों द्वारा किया गया। रायबरेली में ओ.पी. यादव यूथ ब्रिगेड एवं राष्ट्रीय पासी सेना ने सभी माँगों के समर्थन करते हुए भारत बन्द में बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभायी। ओ.पी. यादव यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष संजय पासी ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्र्यापण किया। माल्र्यापण करने के बाद सी.ए.ए., ई.वी.एम. एन.पी.आर. व एन.आर.सी. के विरोध में गगन भेदी नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
क्या आपको बता दें कि, राष्ट्रीय पासी सेना के अध्यक्ष एवं यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष संजय पासी ने कहा कि, आज देश मँहगाई मंदी, भुखमरी, बेकारी, बेरोजगारी, बीमारी, लाचारी से गुजर रहा है। देश का विकास अवरूद्ध है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। संवैधानिक संस्थाओं को सरकार अपनी सुविधानुसार नियंत्रित कर रही है। सभी बातों से ध्यान हटाने के लिए सरकार सी.ए.ए. एन.पी.आर. व एन.आर.सी. लेकर आयी है, जो संविधान की मूल भावना के विरूद्ध है।
ई.वी.एम. का दुरूप्रयोग कर सरकारें बनायी जा रही है, जिससे लेाकतंत्र कमजोर हो रहा है। देश के प्रधानमन्त्री व गृहमन्त्री एक मत नहीं है। अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग बातें करते हैं। संसद में कुछ कहते हैं सड़क पर कुछ कहते हैं, जिससे सरकार अपना विश्वास खो चुकी है। जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
आन्दोलन में देशराज पासी, सुरेश, राहुल, धीरज, राजाराम, पुनई पासी, रामहर्ष, अनुज, विमल किशोर, उमेश यादव, धर्मेन्द्र पासी, सुशील मौर्या, राम सुमिरन, हनोमान आदि लोग ने भागीदारी निभायी।


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