रजनीकांत अवस्थी
बछरावां/रायबरेली: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्य सचिव व रायबरेली जनपद की नोडल अधिकारी अनुराधा शुक्ला ने आज बछरावा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की खबर पाते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। महिला डॉक्टर तो ओपीडी समाप्त कर लखनऊ जाने के लिए रवाना हो चुकी थी। परंतु उन्हें आधे रास्ते से ही वापस लौट कर आना पड़ा।
आपको बता दें कि, श्रीमती शुक्ला द्वारा दवा वितरण रजिस्टर का अवलोकन किया गया और फार्मासिस्ट द्वारा वितरण संबंधी सही जवाब ना दिए जाने पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई। हालांकि ओपीडी का समय समाप्त हो चुका था। फिर भी उनके द्वारा पैथोलॉजी विभाग का भी निरीक्षण किया गया और विभिन्न प्रकार की जांचों के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की गई।
उन्होंने अस्पताल के अंदर चल रहे प्रसूति गृह का भी निरीक्षण किया और वार्ड में भर्ती महिला मरीजों से पूछताछ की। अस्पताल के अंदर एक जगह जलभराव को देखकर उन्होंने मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज को शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने यह स्वीकार किया कि, अस्पताल में स्थान की कमी है। अस्पताल के निरीक्षण के बाद एक किसान की शिकायत पर महराजगंज रोड स्थित धान खरीद केंद्र का उन्होंने निरीक्षण भी किया और वहां पर खड़ी दो ट्राली जो धान से लदी हुई थी इंचार्ज को उसके त्वरित निस्तारण का आदेश भी दिया।
वहीं इंचार्ज ने बताया कि, सरकार के आदेश के तहत 23 जनवरी से खरीद बंद हो चुकी है। उन्होंने इस पर अधिकारियों से वार्ता करने की बात कही। यहां किसानों द्वारा महीनों धान लगाए रखने के बाद भी खरीद न होने की शिकायत की गई। अस्पताल निरीक्षण के पूर्व उनके द्वारा बछरावां नगर पंचायत के अंतर्गत बन रही गौशाला का भी निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली गई तथा शिवगढ़ मार्ग से लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास की मरम्मत न होने पर रोष प्रकट किया गया।
बछरावा सीएससी के अंदर मौजूदा समय में आधा दर्जन महिला डॉक्टर मौजूद है। मगर रात में कोई भी डॉक्टर यहां नहीं रुकती हैं। यही कारण था कि, मुख्य सचिव के आने की खबर पाकर सारी महिला डॉक्टरों को आधे रास्ते से ही वापस आना पड़ा।
बछरावां/रायबरेली: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्य सचिव व रायबरेली जनपद की नोडल अधिकारी अनुराधा शुक्ला ने आज बछरावा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की खबर पाते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। महिला डॉक्टर तो ओपीडी समाप्त कर लखनऊ जाने के लिए रवाना हो चुकी थी। परंतु उन्हें आधे रास्ते से ही वापस लौट कर आना पड़ा।
आपको बता दें कि, श्रीमती शुक्ला द्वारा दवा वितरण रजिस्टर का अवलोकन किया गया और फार्मासिस्ट द्वारा वितरण संबंधी सही जवाब ना दिए जाने पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई। हालांकि ओपीडी का समय समाप्त हो चुका था। फिर भी उनके द्वारा पैथोलॉजी विभाग का भी निरीक्षण किया गया और विभिन्न प्रकार की जांचों के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की गई।
उन्होंने अस्पताल के अंदर चल रहे प्रसूति गृह का भी निरीक्षण किया और वार्ड में भर्ती महिला मरीजों से पूछताछ की। अस्पताल के अंदर एक जगह जलभराव को देखकर उन्होंने मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज को शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने यह स्वीकार किया कि, अस्पताल में स्थान की कमी है। अस्पताल के निरीक्षण के बाद एक किसान की शिकायत पर महराजगंज रोड स्थित धान खरीद केंद्र का उन्होंने निरीक्षण भी किया और वहां पर खड़ी दो ट्राली जो धान से लदी हुई थी इंचार्ज को उसके त्वरित निस्तारण का आदेश भी दिया।
वहीं इंचार्ज ने बताया कि, सरकार के आदेश के तहत 23 जनवरी से खरीद बंद हो चुकी है। उन्होंने इस पर अधिकारियों से वार्ता करने की बात कही। यहां किसानों द्वारा महीनों धान लगाए रखने के बाद भी खरीद न होने की शिकायत की गई। अस्पताल निरीक्षण के पूर्व उनके द्वारा बछरावां नगर पंचायत के अंतर्गत बन रही गौशाला का भी निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली गई तथा शिवगढ़ मार्ग से लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास की मरम्मत न होने पर रोष प्रकट किया गया।
बछरावा सीएससी के अंदर मौजूदा समय में आधा दर्जन महिला डॉक्टर मौजूद है। मगर रात में कोई भी डॉक्टर यहां नहीं रुकती हैं। यही कारण था कि, मुख्य सचिव के आने की खबर पाकर सारी महिला डॉक्टरों को आधे रास्ते से ही वापस आना पड़ा।







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