चीन से आयातित कोरोना-तेरे जन्म पर आ रहा रोना

कहीं मल्टीनेशनल दवा कंपनियों के कोर-ग्रुप के दिमाग का कीड़ा तो नहीं ?---
मिर्जापुर । बड़े धूम-धड़ाके से कोरोना के वायरस भारत में भी बैड बाजा बजाते आ गए हैं । यह वायरस जितना आतंकवादी नहीं उससे कई गुना अधिक पब्लिसिटी साइटों से लादेन और दाऊद टाइप का खतरनाक आतंकवादी बताया जा रहा है ।
पिछले 10-20 सालों पर नज़र ले जाएं--
उक्त अवधि थोड़े थोड़े दिनों के अंतराल पर कोई न कोई घातक बीमारी का जन्मोत्सव कार्यक्रम शुरु हो जाता है । इस नई बीमारी पर पुरानी बीमारी पर नए नाम का लेबिल लगा होता हैं और नई दवाओं की खोज कर लोगों को परोसा जाने लगता है । कोरोना जैसे मंदी के चलते बंद होती कम्पनियां फिर सांस लेने लगती हैं। 10-15 साल पहले प्लेग का हौव्वा खड़ा हुआ । कम्पनियों में प्लेग न आने से मर रही दवा कम्पनियों का दिमाग काम किया और सड़ रहा टेट्रासाईक्लिन दवा का स्टॉक कम हो गया । फिर जापानी बीमारी इंसेफेलाइटिस, एड्स, चिकनगुनिया, डेंगू आदि नई नई बीमारियां नए नए राजनीतिक दलों की तरह आर्थिक सत्ता पर मज़बूत हुए ।
कोरोना--
चीन के डॉक्टर ली 10 दिन खाँसी, इसके ठीक न होने पर खांसी और फिर बुखार की चपेट में आए । चीन जैसे देश के ये कैसे डॉक्टर है कि खांसी उन्हें होती है, वह ठीक नहीं होती । फिर हफ़्तों बुखार की चपेट तथा सांस लेने की दिक्कत झेले । अंत पर एलान किया कि यह कोरोना है ।
चीन फिर तो पिछड़ा देश हुआ---
10 दिन में 16000 बेड का अस्पताल खड़ा करने का प्रचार करने वाले देश के लिए यह लज्जा की बात है या नहीं कि उनका डॉक्टर खुद अपनी बीमारी में फंसता जा रहा था । ऐसी स्थिति में वह मरीजों का उपचार कैसे करता होगा ? यह ज्यादा चिंता की बात है । डॉक्टर ली की प्रकृति बोल रही है कि वे खूब ड्रिंक करते हैं और उनका इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) पूरी तरह फेक्योर हो गया है । 
योग को चुनौती---
यह बीमारी टेलीविजन और प्रिंट मीडिया में रावण की तरह अट्टहास करता आ गया है । फिर तो यह बीमारी 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस को चैलेंज कर रहा है । खासकर योग-महापुरुष बाबा रामदेव को विशेष रूप से । जो खतरनाक बीमारी दूर करने के लिए योग की सलाह देते हैं । क्योंकि खांसी, बुखार और सांस की दिक्कत पहली बार धरती पर आई हो, ऐसा नहीं । इसे चटपट ठीक करने का दावा योगचार्य लोग तो करते है। यहां तक राजनेता भी इनके मंचों पर करते रहते हैं । पुलिस की कड़ी कड़ी ड्यूटी के बाद घर में चोरी हो गई तो इसका मतलब रक्षक पुलिस लापरवाह हैं ।म
300 मरे---
चीन में हल्ला है कि एक माह में 3 सौ लोग मर गए । जबकि यह भी हकीकत ही है कि एक माह ओवर ड्रिंक करने वाले इससे ज्यादा मरते हैं । भारत में तो कुछ कुछ जिलों में इससे ज्यादा बच्चे भूख से मर जाते हैं । 
इस पर भी निगरानी रखनी चाहिए कि कहीं दवा-बाजार दिन में डाका डालने की विश्वव्यापी साजिश तो नहीं कर रही है ।
                     ©सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
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