मिर्जापुर। पौराणिक महत्ता के प्रति 'हिंदुस्तान' के ब्यूरोचीफ श्री वीरेंद्र दुबे एवं 'जनसंदेश टाइम्स' के ब्यूरोचीफ श्री संजय दुबे की अभिरुचि प्रशंसनीय है । पूरे देश ही नहीं विश्व में मां विन्ध्यवासिनी के धाम का गुणगान होता है । पौराणिक दृष्टि ही नहीं बल्कि भौगोलिक दृष्टि से जब सृष्टि के अस्तित्व में आने का उल्लेख किया गया है तो हिमालय से भी पुराना विन्ध्यपर्वत है । धरती के प्लेटों के सूर्य से टकराने के बाद 7 द्वीप बने उसमें जम्बू द्वीप का विन्ध्यपर्वत अस्तित्व में आया । मनु शतरूपा की तपस्या से प्रसन्न होकर त्रिपुर सुंदरी आद्याशक्ति इसी विन्ध्यपर्वत पर आईं । माता सीता लक्ष्मीस्वरुपा हैं । आज 16 फरवरी (तिथि अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष 8) को उनका प्राकट्य हुआ । माता सीता ने भी भगवान राम के साथ शिवपुर स्थित रामेश्वरम् मंदिर में दर्शन पूजन किया था ।
आभार प्रकट करने आए थे सीता और राम---
भगवान श्री राम लंका जाने के पूर्व तमिलनाडु में देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद लेने के लिए रामेश्वरम् मंदिर की स्थापना और पूजन किया तो लंका-विजय के बाद आभार यहां शिवपुर में किया । यहीं शिष्टाचार भी है । यहां स्थित सीताकुंड न केवल आस्था का कुंड है बल्कि अनेकानेक बीमारियों को दूर करने की दवा भी है कुंड का पानी ।
ब्यूरोचीफों को धन्यवाद---
अति महत्ता के पर्व को जन जन को अवगत कराने के लिए दोनों ब्यूरोचीफों को शुभकामनाएं । इनपर सीता और राम की कृपा निरन्तर रहे, ऐसी कामना ।
सलिल पांडे मिर्जापुर
आभार प्रकट करने आए थे सीता और राम---
भगवान श्री राम लंका जाने के पूर्व तमिलनाडु में देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद लेने के लिए रामेश्वरम् मंदिर की स्थापना और पूजन किया तो लंका-विजय के बाद आभार यहां शिवपुर में किया । यहीं शिष्टाचार भी है । यहां स्थित सीताकुंड न केवल आस्था का कुंड है बल्कि अनेकानेक बीमारियों को दूर करने की दवा भी है कुंड का पानी ।
ब्यूरोचीफों को धन्यवाद---
अति महत्ता के पर्व को जन जन को अवगत कराने के लिए दोनों ब्यूरोचीफों को शुभकामनाएं । इनपर सीता और राम की कृपा निरन्तर रहे, ऐसी कामना ।
सलिल पांडे मिर्जापुर


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