महर्षि ओरीदास बाबा तपोस्थली प्रांगण में तीसरे दिवस के मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के मोन गांव स्थित महर्षि बाबा ओरीदास की तपोस्थली प्रांगण में आज तीसरे दिवस के मेले में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। इस प्राचीन कालीन मंदिर में विगत सैकड़ों वर्षो से बसन्त पंचमी के पावन अवसर पर पहले तीन दिवसीय मेला लगता था लेकिन इस बार 7 दिवसीय ऐतिहासिक मेले एवं विशाल भंडारे का आयोजन ग्राम प्रधान सरोजिनी सिंह, उनके पति डॉ माताफेर सिंह और सुपुत्र शैलेंद्र सिंह उर्फ सिंपल की अध्यक्षता में किया गया है।
      आपको बता दें कि, आज तीसरे दिन के मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ देखते नहीं बन रही थी। आलम यह था कि, भारी भीड़ के चलते मेले में इस पार से उस पार गुजरना भी मुश्किल हो रहा था। वहीं महर्षि बाबा ओरीदास के दर्शन को पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर मनोकामनाएं मांगी उसके बाद मेले का लुफ्त उठाया।
      विदित हो कि, महर्षि बाबा ओरीदास का प्राचीन कालीन मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। जहां करीब 400 वर्षों से प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मेला लगता चला रहा है। मेले के आखरी दिन ग्राम प्रधान व मेला कमेटी द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। जिसमें क्षेत्र ही नहीं दूरदराज से आने वाले हजारों श्रद्धालु प्रसाद छककर मनोकामनाएं मांगते हैं। मान्यता है कि, महर्षि ओरीदास बाबा की शक्ति पर आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि, जिले के साथ-साथ गैर जनपदों से आकर श्रद्धालु महर्षि ओरी दास बाबा के मंदिर में माथा टेककर मनोकामनाएं मांगते हैं।
    यहां की यह भी मान्यता है कि, महर्षि बाबा ओरी दास की शक्ति पर आस्था रखने वाले श्रद्धालु भले ही खाली हाथ आते हो, किंतु खाली हाथ कभी वापस नहीं जाते।

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