रायबरेली की बेटी वंशिका गुप्ता हत्याकांड का असली गुनहगार कौन आरोपी या कोई और ?

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: विगत 1 फरवरी 2020 को रायबरेली के हरचन्दपुर थाना क्षेत्र में हुए बछंरावा की रहने वाली वंशिका गुप्ता के निर्मम हत्या कांड में आरोपी पक्ष से मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
     आपको बता दें कि, अहोरवा भवानी जनपद अमेठी के रहने वाले आरोपी के परिजनों और सत्ताधारी नेताओं समेत क्षेत्रवासियों तथा सामाजिक संगठनों ने अमेठी जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है इन लोगों का मानना है कि, वंशिका हत्याकांड मामले में जेल भेजे गए आरोपियों को किसी षड्यंत्र के तहत फसाया गया है। इस निशंक हत्याकांड के असली दोषी अभी भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर है। जिस संबंध में इन्होंने योगी आदित्यनाथ से सीबीआई जांच की मांग की है।
     उपर्युक्त लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि, इस हत्याकांड में षड्यंत्र के तहत फंसाए गए आरोपी अतुल गुप्ता पुत्र पारसनाथ गुप्ता, ललित गुप्ता पुत्र रामनरेश गुप्ता, कृष्ण चंद्र गुप्ता पुत्र राजाराम निर्दोष है। चश्मदीदों का दावा है कि, घटना के 1 दिन पहले, घटना के दिन व घटना के बाद मुख्य आरोपी अतुल गुप्ता, ललित गुप्ता अपनी दुकान पर ही था।
     वंशिका हत्याकांड मामले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा समाचार पत्रों में छपी खबरों के मुताबिक 1 फरवरी 2020 को बीएससी की छात्रा वंशिका अपने घर से विद्यालय के समय पर घर से विद्यालय के लिए निकलती है और लगभग 12:30 बजे अपहरण हो जाता है, 1:30 बजे तक वह गंगागंज में अपनी सहेली के साथ देखी जाती है फिर लगभग 3:00 बजे के करीब जला हुआ मृत अवस्था में उसका शव बरामद होता है। मामले की जानकारी होते ही घटनास्थल पर पुलिस पहुंचती है, प्रिंट मीडिया में छपे समाचारों के मुताबिक मृतिका का हाथ, पैर और मुंह बांधा गया था। (इस नाते यह अंदेशा) पुलिस का यह बयान आता है कि, उसकी हत्या कहीं और करके लाश को यहां ठिकाने लगाया गया। हरचन्दपुर थानाध्यक्ष अनिल सिंह के बयान के मुताबिक यह घटना भोर की है, या देर रात की बताई गई। फिर शव की शिनाख्त कराई जाती है जिसकी पहचान वंशिका गुप्ता निवासी बछरावां के रूप में होती है।
      पुलिस मृतिका के पिता से शव की शिनाख्त के बाद पूछती है कि, आपको किसी पर शक है, पिता द्वारा हत्याकांड के आरोपियों का नाम शक के आधार पर बताया जाता है और पुलिस आरोपियों को पकड़कर पूछताछ के बाद सलाखों में डालकर अपने आप को सेव कर लेती है।
     एक तरफ आरोपित परिवारों समेत क्षेत्रवासी लगातार यह दावा कर रहे हैं कि, वंशिका हत्याकांड में जेल भेजे गए आरोपी निर्दोष है तथा यह सभी लोग मामले में लगातार सीबीआई जांच की मांग भी कर रहे हैं। तो क्या इस बहुचर्चित निर्मम हत्या कांड के पीछे किसी और का हाथ है। क्या इस मामले में उच्चतम न्यायालय सीबीआई जांच के आदेश देगी। कौन है इस हत्या के पीछे असली गुनहगार।

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