रजनीकांत अवस्थी
बछंरावा/रायबरेली: एक तरफ जहां देश की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार किसानों का हितैषी बनने का दम भर रही है तो वहीं दूसरी तरफ बछरावां विकास खंड क्षेत्र की ग्रामसभा इचौली में पिछले 3 महीने से सरकारी नलकूप खराब होने से सैकड़ों बीघे किसानों के गेहूं की फसल सिंचाई ना होने से सूख रही है। जिसकी क्षेत्र के किसानों ने कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की बावजूद नतीजा सिफर ही रहा।
आपको बता दें कि, बछरावां विकासखंड क्षेत्र सहित जनपद भर में सरकारी नलकूपों की स्थिति बदहाल है कहीं नलकूपों के उपकरण खराब है तो कहीं लाइने चोक पड़ी है, तो कहीं नलकूपों की मोटर जली हुई है। जिससे किसानों को सिंचाई के लिए संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की समस्या को लेकर नलकूप विभाग गम्भीर नहीं है।
जनपद में सैकड़ों शासकीय नलकूप स्थापित है ताकि किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके लेकिन विभाग नलकूप के रखरखाव पर ध्यान नहीं देता है। विभाग की नजर में भले ही नलकूप यांत्रिक या विजली दोष या अन्य कारणों से बंद पड़े हो लेकिन हकीकत ठीक इसके विपरीत है। लगभग 60% नलकूपों की स्थिति काफी दयनीय है। इन नलकूपों पर स्टेटस, बोल्ट मीटर, एंपियर मीटर, इंटरलॉक, डीपी स्विच, आदि महत्वपूर्ण उपकरण गायब है। केवल जुगाड़ के सहारे ही इन नलकूपों का संचालन होता है। अधिकांश नलकूपों की पाइप लाइनें चोक पड़ी हुई है। जिससे क्षेत्र के किसानों को इनका लाभ नहीं मिल पाता है। इस समय रबी की फसल का सीजन चल रहा है। खेतों में गेहूं, मटर, आलू आदि की फसल का सीजन चल रहा है। नलकूपों के खराब होने से किसान के सामने सिंचाई का संकट है। लेकिन विभागीय अधिकारियों को इससे कोई लेना-देना नहीं है।
नलकूप खराब होने का ताजा मामला जिले के बछरावां विकासखंड की ग्राम सभा इचौली का सामने आया है। जहां के किसानों, आशीष जायसवाल, बृजेश कुमार, रामचन्द्र, हरिश्चंद्र, इंद्रसेन सिंह, धर्मराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, विशंभर, बक्का, ननकऊ, वंशराज सिंह, लखन, सनेही, चंद्रभान बहादुर, गयादीन, पवन यादव, आसाराम, महंगू आदि बताते हैं कि, उनकी ग्राम सभा में लगा नलकूप पिछले 3 माह से मोटर जल जाने की वजह से खराब पड़ा हुआ है। जिसकी लिखित शिकायत कई बार क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर उच्चाधिकारियों से की है बावजूद उच्चाधिकारी मामले को संज्ञान में नहीं लिए। तब थक हार कर मायूस, हताश, परेशान किसानों ने स्वयं से चंदा लगाकर एकत्रित किए गए पैसे से जली हुई मोटर को ठीक कराया, लेकिन दूसरे ही दिन नलकूप की मोटर फिर जल गई। उसके बाद भी किसानों ने इस बाबत उच्चाधिकारियों को जानकारी दी, जिसके बाद भी उच्चाधिकारियों ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया।
किसानों ने बताया कि, इस नलकूप से लगभग 70 एकड़ किसान की फसल सूख रही है। किसान और उसका परिवार अगर नलकूप ठीक ना कराया गया तो भूखे मरने की कगार पर पहुंच जाएगा। क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर रोष प्रकट करते हुए कहा कि, अगर संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं देगा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आलाधिकारियों की होगी।
बछंरावा/रायबरेली: एक तरफ जहां देश की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार किसानों का हितैषी बनने का दम भर रही है तो वहीं दूसरी तरफ बछरावां विकास खंड क्षेत्र की ग्रामसभा इचौली में पिछले 3 महीने से सरकारी नलकूप खराब होने से सैकड़ों बीघे किसानों के गेहूं की फसल सिंचाई ना होने से सूख रही है। जिसकी क्षेत्र के किसानों ने कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की बावजूद नतीजा सिफर ही रहा।
आपको बता दें कि, बछरावां विकासखंड क्षेत्र सहित जनपद भर में सरकारी नलकूपों की स्थिति बदहाल है कहीं नलकूपों के उपकरण खराब है तो कहीं लाइने चोक पड़ी है, तो कहीं नलकूपों की मोटर जली हुई है। जिससे किसानों को सिंचाई के लिए संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की समस्या को लेकर नलकूप विभाग गम्भीर नहीं है।
जनपद में सैकड़ों शासकीय नलकूप स्थापित है ताकि किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके लेकिन विभाग नलकूप के रखरखाव पर ध्यान नहीं देता है। विभाग की नजर में भले ही नलकूप यांत्रिक या विजली दोष या अन्य कारणों से बंद पड़े हो लेकिन हकीकत ठीक इसके विपरीत है। लगभग 60% नलकूपों की स्थिति काफी दयनीय है। इन नलकूपों पर स्टेटस, बोल्ट मीटर, एंपियर मीटर, इंटरलॉक, डीपी स्विच, आदि महत्वपूर्ण उपकरण गायब है। केवल जुगाड़ के सहारे ही इन नलकूपों का संचालन होता है। अधिकांश नलकूपों की पाइप लाइनें चोक पड़ी हुई है। जिससे क्षेत्र के किसानों को इनका लाभ नहीं मिल पाता है। इस समय रबी की फसल का सीजन चल रहा है। खेतों में गेहूं, मटर, आलू आदि की फसल का सीजन चल रहा है। नलकूपों के खराब होने से किसान के सामने सिंचाई का संकट है। लेकिन विभागीय अधिकारियों को इससे कोई लेना-देना नहीं है।
किसानों ने बताया कि, इस नलकूप से लगभग 70 एकड़ किसान की फसल सूख रही है। किसान और उसका परिवार अगर नलकूप ठीक ना कराया गया तो भूखे मरने की कगार पर पहुंच जाएगा। क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर रोष प्रकट करते हुए कहा कि, अगर संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं देगा तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आलाधिकारियों की होगी।

0 टिप्पणियाँ