अवैध तरीके से संचालित क्लीनिकों व नर्सिंग होमों पर एसडीएम ने चलाया चाबुक मचा हड़कंप।। Raebareli news ।।

वरिष्ठ पत्रकार बीके शुक्ला
शिवगढ़/रायबरेली: जिलाधिकारी के निर्देशन पर उपजिलाअधिकारी महराजगंज को जांच अधिकारी बनाकर शिवगढ़ भेजा, जहां पर कई अवैध नर्सिंग होम संचालित होते मिले। उपजिलाधिकारी महराजगंज विनय कुमार सिंह ने सभी नर्सिंग होम की जांच की सभी नर्सिंग होम संचालकों की कलई खुल गई। कोई भी नर्सिंग होम स्वास्थ्यकेंद्र के मानकों पर खरा नहीं उतरा यहां तक कि, क्लीनिक चलाने के अभिलेख तक नहीं मिले। शासन प्रशासन की सख्ती के बावजूद भी बाज नहीं आ रहे क्लीनिक संचालक। उपजिलाधिकारी के सख्ती और आकस्मिक जांच के बाद सभी संचालकों की हलक सूख गई।
        गौरतलब हो कि, विकास खंड क्षेत्र के कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने नाक के नीचे ही अवैध नर्सिंग होम का संचालन किए जाने की शिकायत दिनेेश यादव द्वारा की गई थी। जिस पर जिलाधिकारी सुभ्रा सक्सेना ने सख्ती दिखाते हुए उपजिलाधिकारी महराजगंज  विनय कुमार सिंह को  जांच अधिकारी बनाकर रिपोर्ट मांगी।उपजिलाधिकारी महराजगंज विनय कुमार सिंह  शुक्रवार को  जांच करने पहुंचे तो कस्बे में नर्सिंग होम संचालन करते हुए नहीं मिला। वहां पर आवासीय सुविधाएं मिली। उसके बाद  विनय कुमार सिंह ने स्वता ही  क्षेत्र में चल रहे  कृष्णा नर्सिंग होम भवानीगढ़ चौराहा, पंकज पाली क्लीनिक भवानीगढ़ चौराहा, जनसेवा अस्पताल शिवगढ़, अधिकारी क्लीनिक भवानीगढ़ चौराहा,चौहान क्लिनिक,जिसमें पंकज पाली क्लीनिक पर आधा दर्जन से अधिक मरीज भी भर्ती मिले। 
     कोई भी क्लीनिक संचालक संबंधित क्लीनिक केेे मानकों का अभिलेख नहीं दिखा सका। इस बात से खफा होकर उपजिलाधिकारी महराजगंज विनय कुमार सिंह ने सभी संचालकों को 15 दिन के अंदर कंप्लीट अभिलेख दिखाने का निर्देश दिया। दिनेश यादव द्वारा दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ के सामने दो बेड लगाकर अप्रशिक्षित दाई एवं एक लड़की के द्वारा शिवगढ़ सीएससी पर तैनात स्वीपर बताकर क्लीनिक चला रहा है। दिनेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि, 14 फरवरी को वह अपने परिवार की रूबी यादव पत्नी बबलू यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डिलीवरी के लिये लाया गया था, वहाँ से पैसा ऐंठने के लिए बछरावां निजी अस्पताल भेजा जा रहा था, बछरावा ना जाकर स्थानीय चौराहे पर ही क्लीनिक में प्रसव कराया 10 मिनट बाद ही शिशु की मृत्यु हो गई थी।
       उपजिलाधिकारी महराजगंज विनय कुमार सिंह ने बताया कि, जितने भी क्लीनिक की जांच की गई सभी अवैध रूप से संचालित हो रहे थे, सीएचसी अधीक्षक डॉ एलपी सोनकर से कह  दिया है,नोटिस दें यदि नोटिस के बाद भी अवैध क्लीनिक संचालन होते हुए मिला तो एफआईआर के साथ विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।

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