रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: एक शिक्षक अपने शिक्षण को प्रभावित तभी बना सकता है जब वह समय समय पर अपनी शिक्षण विधा में समय के सापेक्ष संवर्धन करता रहे।
आपको बता दें कि, आज बीआरसी अमावाँ में निष्ठा के द्वितीय फेरे का बीईओ वीरेंद्र कुमार कनौजिया के द्वारा शिक्षा की देवी मां सरस्वती जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ किया गया।
उन्होंने अपने संबोधन में सभी शिक्षकों से इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण को पूरे धैर्य के साथ प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि, निश्चित तौर पर आप सभी लोग अपने ज्ञान के माध्यम से निरंतर बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा प्रदान करते चले आ रहे हैं, परंतु एक शिक्षक अपने शिक्षण को बच्चों के मध्य प्रभावित तभी बना सकता है जब वह समय-समय पर अपने शिक्षण विधान समय के सापेक्ष संवर्धन करता रहे। इसके लिए यह निष्ठा प्रशिक्षण एक बेहतर प्लेटफार्म है।
इसके पूर्व उद्घाटन सत्र को रितेश कुमार एवं डॉक्टर शिल्पी वर्मा के द्वारा भी संबोधित किया गया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण को प्राप्त करने के लिए आज से विकासखण्ड क्षेत्र के 146 शिक्षक/शिक्षिकाएं व अनुदेशक एवं शिक्षा मित्रों ने भाग लिया।
प्रशिक्षक एसआरपी डॉक्टर शिल्पी वर्मा, केआर पी रितेश कुमार, प्रमोद शर्मा, शिप्रा मिश्रा, एचडी अंसारी, शिव प्रसाद, नीरज कुमार के साथ ही अशोक प्रियदर्शी, जगदीश प्रसाद, मतीन खाँ, अब्दुल मन्नान, बबीता, कमल कुमार अहिरवार, लक्ष्मी सिंह, मीना तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, विनोद यादव, मनोज कुमार ,संदीप वर्मा आदि प्रशिक्षार्थी के रूप में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
महराजगंज/रायबरेली: एक शिक्षक अपने शिक्षण को प्रभावित तभी बना सकता है जब वह समय समय पर अपनी शिक्षण विधा में समय के सापेक्ष संवर्धन करता रहे।
आपको बता दें कि, आज बीआरसी अमावाँ में निष्ठा के द्वितीय फेरे का बीईओ वीरेंद्र कुमार कनौजिया के द्वारा शिक्षा की देवी मां सरस्वती जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ किया गया।
उन्होंने अपने संबोधन में सभी शिक्षकों से इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण को पूरे धैर्य के साथ प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि, निश्चित तौर पर आप सभी लोग अपने ज्ञान के माध्यम से निरंतर बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा प्रदान करते चले आ रहे हैं, परंतु एक शिक्षक अपने शिक्षण को बच्चों के मध्य प्रभावित तभी बना सकता है जब वह समय-समय पर अपने शिक्षण विधान समय के सापेक्ष संवर्धन करता रहे। इसके लिए यह निष्ठा प्रशिक्षण एक बेहतर प्लेटफार्म है।
इसके पूर्व उद्घाटन सत्र को रितेश कुमार एवं डॉक्टर शिल्पी वर्मा के द्वारा भी संबोधित किया गया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण को प्राप्त करने के लिए आज से विकासखण्ड क्षेत्र के 146 शिक्षक/शिक्षिकाएं व अनुदेशक एवं शिक्षा मित्रों ने भाग लिया।
प्रशिक्षक एसआरपी डॉक्टर शिल्पी वर्मा, केआर पी रितेश कुमार, प्रमोद शर्मा, शिप्रा मिश्रा, एचडी अंसारी, शिव प्रसाद, नीरज कुमार के साथ ही अशोक प्रियदर्शी, जगदीश प्रसाद, मतीन खाँ, अब्दुल मन्नान, बबीता, कमल कुमार अहिरवार, लक्ष्मी सिंह, मीना तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, विनोद यादव, मनोज कुमार ,संदीप वर्मा आदि प्रशिक्षार्थी के रूप में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।




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