रजनीकांता अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: एक तरफ जहां देश की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं तो वहीं तहसील मुख्यालय से चंद दूरी पर बसा बसंतपुर गांव ऐसा भी है जो सरकार के सपनों को चकनाचूर कर रहा है तथा विकासखंड में बैठे अधिकारी पूरी तरह से स्वच्छता मिशन अभियान को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं।
आपको बता दें कि, ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमारे संवाददाता ने पड़ताल की तो पूरे गांव में गंदगी का अंबार मिला। इस गांव में पहुंचने के बाद यह लगा ही नहीं है कि, हम किसी गांव में आकर खड़े हैं। यहां आने के बाद सिर्फ यही लगा कि, हम किसी बड़े कूड़े के ढेर पर खड़े हैं। गांव के अंदर प्रवेश करने पर मुझे भी यही लगा कि, मैं किसी बड़े कूड़े के ढेर पर खड़ा हूं अथवा गांव में खड़ा हूं, यह समझ पाना मेरे लिए भी कठिन है।
यहां निवास करने वाले लोगों से जानकारी मिली की इस गांव में एक संत का निवास है। मैं उनसे जाकर मिला और अपना परिचय बता कर उनसे उनका परिचय जाना। जिन्होंने अपना नाम महंत सेवादास बताया। महंत सेवादास बताते हैं कि, इस बजबजाती गंदगी से उनका जीना तो दूभर है, फिर भी वह इस आश के साथ जी रहे हैं कि, कभी तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वच्छ भारत मिशन के सपने को अमलीजामा पहनाया जाएगा। जहां पूरे भारत में स्वच्छता का अभियान चलाकर गांव, गली, कूचे से लेकर कस्बा तथा शहरों को साफ सुथरा बनाया जा रहा है जिससे होने वाली भयावह संक्रामक बीमारियों से लोगों को मुक्ति दिलाई जा सके।
संत सेवादास आगे बताते हैं कि, वे मन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के सपने को संजोए स्वच्छ भारत मिशन के गांव में लागू होने का इंतजार कर, इस गंदगी में रहने को मजबूर है। वे 93 वर्ष के है। इनका कहना है कि, यहां आसपास के गांवों में अनेक प्रकार की बीमारियां एवं महामारी के उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। वैसे भी इस समय देश में कोरोना वायरस की वजह से सरकारे और स्वास्थ्य विभाग काफी सजग है, जिससे निपटने के तरीके और उपाय बताकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऐसी स्थिति के बावजूद अगर सजग नहीं है तो, वह हैं हमारे विकास खंड क्षेत्र शिवगढ़ में बैठे उच्चाधिकारी, वह किसी संक्रामक बीमारी के पैदा होने से किसी की मौत का इंतजार कर रहे हैं, उसके बाद ही स्वच्छ भारत मिशन को इस गांव में लागू करेंगे।
संत सेवादास ने यह भी बताया कि, वे कई बार ग्राम प्रधान से इसकी शिकायत कर चुके हैं, परंतु ग्राम प्रधान के ऊपर इसका कोई असर नहीं है। संत सेवादास ने बताया कि, बसंतपुर उनका जन्म स्थान है और पूर्वज यहीं के रहने वाले है। पूरे देश में उनके कई जगह आश्रम हैं और हजारों की संख्या में अनुयाई भी है।
संत सेवादास ने प्रशासन से आग्रह किया है कि, गांव को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गंदगी से मुक्त कराया जाए। ताकि, यहां निवास करने वाले लोग स्वच्छ वातावरण में सांस ले सकें।
मामले में खंड विकास अधिकारी शिवगढ़ का कहना है कि, मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही सफाई करवाई जाएगी।
महराजगंज/रायबरेली: एक तरफ जहां देश की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं तो वहीं तहसील मुख्यालय से चंद दूरी पर बसा बसंतपुर गांव ऐसा भी है जो सरकार के सपनों को चकनाचूर कर रहा है तथा विकासखंड में बैठे अधिकारी पूरी तरह से स्वच्छता मिशन अभियान को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं।
आपको बता दें कि, ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमारे संवाददाता ने पड़ताल की तो पूरे गांव में गंदगी का अंबार मिला। इस गांव में पहुंचने के बाद यह लगा ही नहीं है कि, हम किसी गांव में आकर खड़े हैं। यहां आने के बाद सिर्फ यही लगा कि, हम किसी बड़े कूड़े के ढेर पर खड़े हैं। गांव के अंदर प्रवेश करने पर मुझे भी यही लगा कि, मैं किसी बड़े कूड़े के ढेर पर खड़ा हूं अथवा गांव में खड़ा हूं, यह समझ पाना मेरे लिए भी कठिन है।
यहां निवास करने वाले लोगों से जानकारी मिली की इस गांव में एक संत का निवास है। मैं उनसे जाकर मिला और अपना परिचय बता कर उनसे उनका परिचय जाना। जिन्होंने अपना नाम महंत सेवादास बताया। महंत सेवादास बताते हैं कि, इस बजबजाती गंदगी से उनका जीना तो दूभर है, फिर भी वह इस आश के साथ जी रहे हैं कि, कभी तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वच्छ भारत मिशन के सपने को अमलीजामा पहनाया जाएगा। जहां पूरे भारत में स्वच्छता का अभियान चलाकर गांव, गली, कूचे से लेकर कस्बा तथा शहरों को साफ सुथरा बनाया जा रहा है जिससे होने वाली भयावह संक्रामक बीमारियों से लोगों को मुक्ति दिलाई जा सके।
संत सेवादास आगे बताते हैं कि, वे मन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के सपने को संजोए स्वच्छ भारत मिशन के गांव में लागू होने का इंतजार कर, इस गंदगी में रहने को मजबूर है। वे 93 वर्ष के है। इनका कहना है कि, यहां आसपास के गांवों में अनेक प्रकार की बीमारियां एवं महामारी के उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। वैसे भी इस समय देश में कोरोना वायरस की वजह से सरकारे और स्वास्थ्य विभाग काफी सजग है, जिससे निपटने के तरीके और उपाय बताकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऐसी स्थिति के बावजूद अगर सजग नहीं है तो, वह हैं हमारे विकास खंड क्षेत्र शिवगढ़ में बैठे उच्चाधिकारी, वह किसी संक्रामक बीमारी के पैदा होने से किसी की मौत का इंतजार कर रहे हैं, उसके बाद ही स्वच्छ भारत मिशन को इस गांव में लागू करेंगे।
संत सेवादास ने यह भी बताया कि, वे कई बार ग्राम प्रधान से इसकी शिकायत कर चुके हैं, परंतु ग्राम प्रधान के ऊपर इसका कोई असर नहीं है। संत सेवादास ने बताया कि, बसंतपुर उनका जन्म स्थान है और पूर्वज यहीं के रहने वाले है। पूरे देश में उनके कई जगह आश्रम हैं और हजारों की संख्या में अनुयाई भी है।
संत सेवादास ने प्रशासन से आग्रह किया है कि, गांव को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गंदगी से मुक्त कराया जाए। ताकि, यहां निवास करने वाले लोग स्वच्छ वातावरण में सांस ले सकें।
मामले में खंड विकास अधिकारी शिवगढ़ का कहना है कि, मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही सफाई करवाई जाएगी।



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