वायरस के प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी से टेस्ट में विलम्ब--
गमछा, दुपट्टा, रुमाल 6 फ़ोल्ड में करें तो वह मास्क से बेहतर---
मिर्जापुर । चीन में जन्मा नॉवल कोरोना-2019(Covid-co से कोरोना vi से वायरस और d से डिजीज) आतंक का नँगा नाच करते मां विन्ध्यवासिनी धाम में आ ही गया और विदेश से लौटे तीन स्थानीय लोगों के उसकी चपेट में आने की खबर से लोग-बाग प्रथम दृष्टया थरथराने लगे हैं।
CMOहिम्मत बढ़ाने में लगे दिखे----
सुबह से शाम तक यहां के CMO डॉक्टर ओ पी तिवारी के फोन की घण्टी घनघना रही है और लोग पूछते दिख रहे हैं कि क्या किया जाए जिस पर डॉ तिवारी ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं । साफ-सफाई से रहें । मास्क की जगह गमछा, दुपट्टा या रूमाल को 6 परतों में करके बांधे । यह मास्क की तरह काम करेगा ।
टेस्ट में देरी क्यों हो रही है ?---
मुख्यालय के मण्डलीय अस्पताल में भर्ती जापान, दुबई और काठमांडू से लौटे उक्त तीनों लोगों के टेस्ट के लिए BHU में मेडिकल सामाग्री भेजी गई । लेकिन BHU में कोरोना के लिए रियल टाइम ECR की नई मशीन लगी है और अभी वहां के डॉक्टर पूर्ण से प्रशिक्षित इस मामले में नहीं है, लिहाजा BHU ने पुणे (महाराष्ट्र) से जांच के लिए भेज दिया । पुणे में टेस्ट के लिए इतना दबाव है कि सोमवार, 16 मार्च को रिपोर्ट नहीं मिल सकी । लिहाजा यहां के डॉक्टर अभी पूर्ण रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं दिखे ।
डॉ नीरज त्रिपाठी ने कहा--
कोरोना वायरस की जांच प्रक्रिया के संदर्भ में डॉ डी डी त्रिपाठी मेमेरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ डी डी त्रिपाठी ने कहा कि मरीज के स्लाइबा (मुंह का लार) तथा नेजल स्वैब का सैमपुल (नॉक से) लेकर वायरोलॉजी डिपार्टमेंट में भेजा जाता है । इसकी जांच लखनऊ तथा एम्स का दर्जा प्राप्त बीएचयू में होनी है । सम्भव है कि प्रशिक्षित डॉक्टरों के अभाव में नेशनल इंस्टीट्यूय आफ वायरोलॉजी (NIV) भेजने का प्राविधान है । सामान्यतया जांच 48 घण्टे में हो जाती है लेकिन भारी संख्या में जांच के चलते समय अधिक लग सकता है ।
मत डरिए--
इसी बीच CMO डॉ तिवारी ने कहा कि लोग बाग इससे डरे नहीं । हुआ यह कि तीन मरीजों की खबर ह्वाट्सएप और ट्विटर युग में कोरोना से भी तेज उड़ने लगी । सोमवार को मास्क लगा कर चलने वालों की संख्या तेज गति से बढ़ गई । यहां तक कि कुछ पुलिस वाले भी मास्क लगाकर चलते बाइक पर दिखे । फिर तो जनसामान्य का डरना स्वाभाविक था ही ।
कौन ज्यादा बरते सावधानी ?---
कोरोना को लेकर सावधानी के बाबत डॉ तिवारी का कहना है कि जिस घर का मरीज हो वह, इलाज कर रहा डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वाय को सतर्क और सजग रहना चाहिए क्योंकि वे मरीज के सीधे संपर्क में हैं ।
वायरस का आकार--
कोरोना वायरस फैलने के बाद रियल टाइम ECR मशीन में ही 200 से 250 माइक्रोन वायरस की जांच संभव है । लगभग 40 से 50 लाख की मशीन होने के कारण यह सब जगह तत्काल लगा पाना और प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध हो पाना सम्भव नहीं हो पा रहा है लिहाजा 14दिन जांच में रखा जाना अनिवार्य है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।


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