फ्रंट पर आइए सबके आदरणीय रामदेव बाबा !

चाइना से चले कोरोना यमराज से योग लड़ पाएगा या नहीं ?--
मिर्जापुर। चाइना उत्पादित कोरोना का महाभय पूरे देश में कायम किया जा रहा है । 'मास्क लगाइए, हिफाजित के लिए नियमित क्रोसिन और कुछ अन्य दवा खाइए, डेटॉल से हाथ धोइए, लोगों से मेलमिलाप नहीं दूरी बना कर रहिए' आदि अपीलों की भरमार है । देश के लोगों को डराया जा रहा है कि चाइना से यमराज फ्लाइट से चल चुका है । ऐसे में विश्व भर के डॉक्टरों तथा मेडिकल साइंस को चैलेंज देने वाले बाबा रामदेव क्यों चुप बैठे हैं जो योग से लीवर, हार्ट और उसके वाल्ब, पैंक्रियाज, हाई-लो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स आदि का उपचार कर लेने का दावा किया करते थे, उन्हें फ्रंट पर आना चाहिए तथा लोगों में व्याप्त भय को दूर करने के लिए एक बार फिर चैलेंज करना चाहिए कि कोरोना मल्टीनेशनल दवा कंपनियों के प्रोडक्ट से ठीक होगा या प्राणायाम के विविध सोपानों यथा अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति, भ्रामरी और अन्य योगिक तरीकों से कोरोना को पटखनी दी जा सकेगी ?
 जो पेट नहीं भर पाते--
अपने देश में बहुलांश लोग पौष्टिक भोजन से वंचित हैं, वे भोजन का जुगाड़ करें या दवा कंपनियों के महंगे प्रोडक्ट और चिकित्सा की मोटी फीस की व्यवस्था करें ? यह अहम् सवाल बना हुआ है । 
 सरकार की व्यवस्था--
प्रायः ऐसे मामलों में सरकारी धन से व्यवस्था होती है । अधिकांश में उस व्यवस्था का असली लाभ कौन पाता है, इसका अनुभव तो प्रबुद्ध लोगों को होगा ही । योजनाएँ बंदरबांट योजना में तब्दील होती रहती है । ऐसी स्थिति में देश भर के आस्था के प्रतीक बने बाबा रामदेव और उनकी टीम जिनमें आचार्य बालकृष्ण भी शामिल हैं, क्यों जागृत नहीं हुए अभी तक ?
 थोड़े थोड़े दिनों में भयानक बीमारी का हौवा क्यों खड़ा किया जाता है ?---
कोरोना के यमराज के उड़नखटोले पर प्राण यमलोक यदि चले जा रहे हैं तो पूरे पूरे दिन संचार माध्यमों से देश को 'करें योग रहें निरोग' का संदेश देने वाले बाबा रामदेव, उनकी पूरी इंडस्ट्री, अन्य योग-बाबा का दावा गलत साबित हो जाएगा । अतः सारे बाबाओं को चाइना से चले कोरोना यमदूतों की असलियत और उससे लड़ने के उपायों पर विचार करना चाहिए ।
शिवगढ़
 

-सलिल  पांडेय, मिर्जापुर ।

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