रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: कोरोना रोग के नाम पर अफवाह फैलाना वैसे तो कानूनन जुर्म है ही, किंतु लोग अपनीे हरकतो से बाज नहीं आ रहे है। ऐसा ही एक मामला आज स्वास्थ्य विभाग के सामने आया। जबकि गांव से दिल्ली रोजी रोटी के सिलसिले में गया एक परिवार वहां काम न मिलने पर वापस घर लौट आया, तो किसी ने कोरोना कंट्रोल रूम को फोन द्वारा सूचित कर दिया कि, यह परिवार कोरोना से संक्रमित होकर वापस लौट आया है।
तत्काल हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर परिवार के सभी 4 सदस्यों की सेहत की पड़ताल की तो मामला झूठा निकला। परिवार के सभी चारों सदस्य पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए। मौके पर गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेहत परखने के बाद परिवार के लोगों को ब्लीचिंग पाउडर देते हुए कोरोना से बचाव के तरीके भी बताए और मामले की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
आपको बता दें कि, मामला क्षेत्र के पाली गांव का है। यहां का रहने वाला रामराज पुत्र सुखदीन 30अपनी पत्नी लक्ष्मी 27 व दो बच्चों खुशी 8, देवा 5 को साथ लेकर विगत 16 तारीख को दिल्ली रोजी रोटी कमाने के लिए गया था। जहां काम न मिलने के कारण आज सपरिवार घर लौट आया। तो गांव से ही किसी शरारती तत्व ने कोरोना रोग से बचाव के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम के नंबर पर सूचना दे दी कि, यह परिवार कोरोना से ग्रसित होकर वापस गांव लौट आया है और यहां इस बीमारी के फैलने का खतरा है।
कंट्रोलरूम से तत्काल मामले की सूचना मिलने के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन, फार्मेसिस्ट हरीश कुमार श्रीवास्तव और हेल्थ सुपरवाइजर आरएन सिंह आदि टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। परिवार के चारों सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ राधाकृष्णन ने एसके इन्डिया न्यूज, केयर ऑफ़ मीडिया और हिंदी दैनिक समाचार पत्र "प्रभात" के संवाददाता को बताया कि, परिवार के चारों सदस्य पूर्णता स्वस्थ हैं। किसी को कोरोना जैसी किसी बीमारी के लक्षण कतई नहीं हैं। परिवार को घर में साफ सफाई रखने,और कोरोना से बचाव के टिप्स दिए गए, साथ ही ब्लीचिंग पाउडर घर के आसपास छिड़काव कराया, जिसके बाद टीम वापस सीएचसी लौट आई है।
सीएचसी के अधीक्षक ने लोगों से कंट्रोल रूम को गलत सूचना न देने का आग्रह करते हुए सबको सरकार के कोरोना से बचाव के प्रयासों में सहयोग देने की अपील भी की है।
महराजगंज/रायबरेली: कोरोना रोग के नाम पर अफवाह फैलाना वैसे तो कानूनन जुर्म है ही, किंतु लोग अपनीे हरकतो से बाज नहीं आ रहे है। ऐसा ही एक मामला आज स्वास्थ्य विभाग के सामने आया। जबकि गांव से दिल्ली रोजी रोटी के सिलसिले में गया एक परिवार वहां काम न मिलने पर वापस घर लौट आया, तो किसी ने कोरोना कंट्रोल रूम को फोन द्वारा सूचित कर दिया कि, यह परिवार कोरोना से संक्रमित होकर वापस लौट आया है।
तत्काल हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर परिवार के सभी 4 सदस्यों की सेहत की पड़ताल की तो मामला झूठा निकला। परिवार के सभी चारों सदस्य पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए। मौके पर गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेहत परखने के बाद परिवार के लोगों को ब्लीचिंग पाउडर देते हुए कोरोना से बचाव के तरीके भी बताए और मामले की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
आपको बता दें कि, मामला क्षेत्र के पाली गांव का है। यहां का रहने वाला रामराज पुत्र सुखदीन 30अपनी पत्नी लक्ष्मी 27 व दो बच्चों खुशी 8, देवा 5 को साथ लेकर विगत 16 तारीख को दिल्ली रोजी रोटी कमाने के लिए गया था। जहां काम न मिलने के कारण आज सपरिवार घर लौट आया। तो गांव से ही किसी शरारती तत्व ने कोरोना रोग से बचाव के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम के नंबर पर सूचना दे दी कि, यह परिवार कोरोना से ग्रसित होकर वापस गांव लौट आया है और यहां इस बीमारी के फैलने का खतरा है।
कंट्रोलरूम से तत्काल मामले की सूचना मिलने के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ राधाकृष्णन, फार्मेसिस्ट हरीश कुमार श्रीवास्तव और हेल्थ सुपरवाइजर आरएन सिंह आदि टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। परिवार के चारों सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ राधाकृष्णन ने एसके इन्डिया न्यूज, केयर ऑफ़ मीडिया और हिंदी दैनिक समाचार पत्र "प्रभात" के संवाददाता को बताया कि, परिवार के चारों सदस्य पूर्णता स्वस्थ हैं। किसी को कोरोना जैसी किसी बीमारी के लक्षण कतई नहीं हैं। परिवार को घर में साफ सफाई रखने,और कोरोना से बचाव के टिप्स दिए गए, साथ ही ब्लीचिंग पाउडर घर के आसपास छिड़काव कराया, जिसके बाद टीम वापस सीएचसी लौट आई है।
सीएचसी के अधीक्षक ने लोगों से कंट्रोल रूम को गलत सूचना न देने का आग्रह करते हुए सबको सरकार के कोरोना से बचाव के प्रयासों में सहयोग देने की अपील भी की है।




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