रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: विगत 2 दिनों से कुदरत का कहर किसानों पर जमकर बरपा। लगातार दूसरे दिन भी शुक्रवार की रात एक बार फिर ओले गिरे। इसके बाद मूसलाधार बारिश से हजारों बीघा गेहूं की फसल जमींदोज हो गई।
वहीं सरसों की बची खुची फसल भी बर्बाद हो गई। सबसे बड़ा नुकसान आम के पौधों पर आये बौर का हुआ। जबकि अधिकतर पेड़ों के बौर कट कर नीचे गिर गए। कमोवेश ओलो और बारिश का असर तहसील क्षेत्र के अधिकतर गांवो में रहा।
लेकिन जमुरांवा, हलोर, अलीपुर, कुबना, कोटवा मदनिया, कैर, जिहवा, मोन, चंदापुर, असनी, बरहुआं, हसनपुर मऊ, सिकन्दरपुर ताजुद्दीनपुर आदि गांव में 50% से अधिक फसलें बर्बाद हो गई। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दौड़ गई हैं।
इस बार वैसे भी काफी विलंब से आम के पेड़ों पर बौर दिखे थे। आम की फसलों को भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं सरसो की बची खुची खड़ी फसल के फूल भी बर्बाद हो गए हैं।
इससेकिसानों में त्राहि त्राहि मची है। ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष हरिकरन सिंह उर्फ गुड्डू ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि, ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात से हुई क्षति का किसानों को मुआवजा दिलाया जाए अन्यथा किसानों के सामने जिंदगी जीने की भयंकर समस्या पैदा हो जाएगी।
महराजगंज/रायबरेली: विगत 2 दिनों से कुदरत का कहर किसानों पर जमकर बरपा। लगातार दूसरे दिन भी शुक्रवार की रात एक बार फिर ओले गिरे। इसके बाद मूसलाधार बारिश से हजारों बीघा गेहूं की फसल जमींदोज हो गई।
वहीं सरसों की बची खुची फसल भी बर्बाद हो गई। सबसे बड़ा नुकसान आम के पौधों पर आये बौर का हुआ। जबकि अधिकतर पेड़ों के बौर कट कर नीचे गिर गए। कमोवेश ओलो और बारिश का असर तहसील क्षेत्र के अधिकतर गांवो में रहा।
लेकिन जमुरांवा, हलोर, अलीपुर, कुबना, कोटवा मदनिया, कैर, जिहवा, मोन, चंदापुर, असनी, बरहुआं, हसनपुर मऊ, सिकन्दरपुर ताजुद्दीनपुर आदि गांव में 50% से अधिक फसलें बर्बाद हो गई। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दौड़ गई हैं।
इस बार वैसे भी काफी विलंब से आम के पेड़ों पर बौर दिखे थे। आम की फसलों को भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं सरसो की बची खुची खड़ी फसल के फूल भी बर्बाद हो गए हैं।
इससेकिसानों में त्राहि त्राहि मची है। ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष हरिकरन सिंह उर्फ गुड्डू ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि, ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात से हुई क्षति का किसानों को मुआवजा दिलाया जाए अन्यथा किसानों के सामने जिंदगी जीने की भयंकर समस्या पैदा हो जाएगी।




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