जिला ग्रीन ज़ोन में जाने की राह देख रहा--
मिर्जापुर । पूरे 100 साल के दौरान आई महामारी के अत्यंत विद्रूप रूप के रूप में खौफ का पर्याय बने कोरोना के कटीले दांतों को तोड़ने तथा लाल-पीले (रेड-एलो ज़ोन) रूप को नेस्तनाबूद करने में हर तरह के अस्त्र-शस्त्र चलाता जिला प्रशासन इस कोशिश में है कि कौन कौन सा जतन किया जाए कि इस जिले में हरियाली आए और जिला ग्रीन जोन में बदल जाए ।
गैर जिलों से आए छात्रों एवं श्रमिकों के क्वारन्टीन सेंटरों के मुआयने पर बुधवार को सुबह ही निकले DM श्री सुशील कुमार पटेल ने ग्रीन जोन के बारे में स्पष्ट किया कि अभी जनपद ग्रीन जोन में नहीं घोषित है ।
एक जानकारी के क्रम में CMO डॉ ओपी तिवारी ने स्पष्ट किया कि जिस जिले में शून्य पॉजिटिव केस की स्थिति होती है, वह स्वतः ग्रीन जोन में आ जाता है ।
कोरोना के मामले में स्थापित मानदंडों के अनुसार 28 दिन के बीच कोई कोई नया पॉजीटिव केस नहीं आता है तो उसे भी यह मानकर ग्रीन जोन घोषित कर दिया जाता है कि संबंधित जनपद में स्थिति नियंत्रण में है ।
मिर्जापुर में अंतिम केस दीक्षितपुर(चुनार) का केस 16 अप्रैल को पॉजिटिव आया था लेकिन वह 28 को निगेटिव हो गया । जबकि वह मरीज 2 अप्रैल को ही क्वारन्टीन कर लिया गया था । यदि 2 अप्रैल को आधार माना जाए 29 अप्रैल 28वां दिन है । लेकिन इस तकनीकी पहलू पर लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी मंथन कर जोन की स्थिति की घोषणा करेंगे ।
बहराल मां विन्ध्यवासिनी के धाम के लोग आशाजनक रिपोर्टों से प्रफुल्लित तो हैं ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर
मिर्जापुर । पूरे 100 साल के दौरान आई महामारी के अत्यंत विद्रूप रूप के रूप में खौफ का पर्याय बने कोरोना के कटीले दांतों को तोड़ने तथा लाल-पीले (रेड-एलो ज़ोन) रूप को नेस्तनाबूद करने में हर तरह के अस्त्र-शस्त्र चलाता जिला प्रशासन इस कोशिश में है कि कौन कौन सा जतन किया जाए कि इस जिले में हरियाली आए और जिला ग्रीन जोन में बदल जाए ।
गैर जिलों से आए छात्रों एवं श्रमिकों के क्वारन्टीन सेंटरों के मुआयने पर बुधवार को सुबह ही निकले DM श्री सुशील कुमार पटेल ने ग्रीन जोन के बारे में स्पष्ट किया कि अभी जनपद ग्रीन जोन में नहीं घोषित है ।
एक जानकारी के क्रम में CMO डॉ ओपी तिवारी ने स्पष्ट किया कि जिस जिले में शून्य पॉजिटिव केस की स्थिति होती है, वह स्वतः ग्रीन जोन में आ जाता है ।
कोरोना के मामले में स्थापित मानदंडों के अनुसार 28 दिन के बीच कोई कोई नया पॉजीटिव केस नहीं आता है तो उसे भी यह मानकर ग्रीन जोन घोषित कर दिया जाता है कि संबंधित जनपद में स्थिति नियंत्रण में है ।
मिर्जापुर में अंतिम केस दीक्षितपुर(चुनार) का केस 16 अप्रैल को पॉजिटिव आया था लेकिन वह 28 को निगेटिव हो गया । जबकि वह मरीज 2 अप्रैल को ही क्वारन्टीन कर लिया गया था । यदि 2 अप्रैल को आधार माना जाए 29 अप्रैल 28वां दिन है । लेकिन इस तकनीकी पहलू पर लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी मंथन कर जोन की स्थिति की घोषणा करेंगे ।
बहराल मां विन्ध्यवासिनी के धाम के लोग आशाजनक रिपोर्टों से प्रफुल्लित तो हैं ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर


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