रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: न्यूज पोर्टल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए 4 अप्रैल 2018 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि, देश में चलने वाले टीवी चैनल और अखबारों के लिए नियम कानून बने हुए हैं और यदि वह इन कानूनों का उल्लंघन करते हैं, तो उससे निपटने के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) जैसी संस्थाएं भी हैं। लेकिन ऑनलाइन मीडिया के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
आपको बता दें कि, इसे ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन मीडिया के लिए नियामक ढांचा बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जायेगा। दस लोगों की एक समिति का गठन किया, समिति के संयोजक सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव होंगे, इस कमेटी में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और एनबीए के सदस्य भी शामिल होंगे, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय के सचिव भी इस कमेटी का हिस्सा होंगे।
अब जब दस लोगों की एक टीम निर्धारित की गयी, जो न्यूज पोर्टल को रेगुलेट करने सम्बन्धी नियम बनाने जा रही है। इस नियम के बनने के पहले यदि कोई यह फरमान जारी करे की न्यूज पोर्टल फर्जी है, तो या तो वह अल्पज्ञानी है या फिर वह सरकार से ऊपर की सोच रखने वाला है। सरकार ने न्यूज पोर्टल्स को कभी भी फ़र्ज़ी नहीं माना, यही कारण है कि, दस सद्द्स्यीय समिति न्यूज पोर्टल हेतु नियमावली बना रही है। न्यूज पोर्टल के विषय में किसी भी प्रकार की अफवाह में न पड़ें।
न्यूज पोर्टल पूर्णत वैध है, और इसमें कार्यरत संवाददाता पत्रकार हैं।
अगर आपको कोई अल्प ज्ञानी अधिकारी कहे कि, पोर्टल और यूट्यूब चैनल के पत्रकार फर्जी हैं। तो आप उनसे कहें कि, सरकार द्वारा जारी किया गया ऐसा कोई भी आदेश अथवा निर्देश है। जिसमे में ये कहा गया हो कि, सरकार न्यूज पोर्टल के संवाददाता को पत्रकार नहीं मानती। उनकी बोलती स्वत ही बन्द हो जाएगी। ऐसे अधिकारियों की आप हमें सूचना दे हम उनपे करवाई करवाएंगे।
द्वारा जनहित में जारी।
रायबरेली: न्यूज पोर्टल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए 4 अप्रैल 2018 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि, देश में चलने वाले टीवी चैनल और अखबारों के लिए नियम कानून बने हुए हैं और यदि वह इन कानूनों का उल्लंघन करते हैं, तो उससे निपटने के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) जैसी संस्थाएं भी हैं। लेकिन ऑनलाइन मीडिया के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
आपको बता दें कि, इसे ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन मीडिया के लिए नियामक ढांचा बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जायेगा। दस लोगों की एक समिति का गठन किया, समिति के संयोजक सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव होंगे, इस कमेटी में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और एनबीए के सदस्य भी शामिल होंगे, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय के सचिव भी इस कमेटी का हिस्सा होंगे।
अब जब दस लोगों की एक टीम निर्धारित की गयी, जो न्यूज पोर्टल को रेगुलेट करने सम्बन्धी नियम बनाने जा रही है। इस नियम के बनने के पहले यदि कोई यह फरमान जारी करे की न्यूज पोर्टल फर्जी है, तो या तो वह अल्पज्ञानी है या फिर वह सरकार से ऊपर की सोच रखने वाला है। सरकार ने न्यूज पोर्टल्स को कभी भी फ़र्ज़ी नहीं माना, यही कारण है कि, दस सद्द्स्यीय समिति न्यूज पोर्टल हेतु नियमावली बना रही है। न्यूज पोर्टल के विषय में किसी भी प्रकार की अफवाह में न पड़ें।
न्यूज पोर्टल पूर्णत वैध है, और इसमें कार्यरत संवाददाता पत्रकार हैं।
अगर आपको कोई अल्प ज्ञानी अधिकारी कहे कि, पोर्टल और यूट्यूब चैनल के पत्रकार फर्जी हैं। तो आप उनसे कहें कि, सरकार द्वारा जारी किया गया ऐसा कोई भी आदेश अथवा निर्देश है। जिसमे में ये कहा गया हो कि, सरकार न्यूज पोर्टल के संवाददाता को पत्रकार नहीं मानती। उनकी बोलती स्वत ही बन्द हो जाएगी। ऐसे अधिकारियों की आप हमें सूचना दे हम उनपे करवाई करवाएंगे।
द्वारा जनहित में जारी।

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