विधायक रामनरेश रावत ने पत्रकारों को किया सम्मानित
रायबरेली हमेशा कलम और तलवार की धनी रही है : रामनरेश रावत
रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस कोविड-19 को लेकर जहां लोगों के दिलों में खौफ है। वहीं डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मी, कलम के सिपाही पत्रकार एवं प्रशासनिक अधिकारी अपनी जान की परवाह किए बगैर दृढ़ संकल्प के साथ कोरोना के विरुद्ध जंग लड़ रहे हैं।
आपको बता दें कि, रविवार को सायंकाल बछरावां विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रामनरेश रावत ने कमला सदन भवानीगढ़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिवगढ़ क्षेत्र के सभी पत्रकारों को कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा कवच के रूप में अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
इस मौके पर उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार बृजेश कुमार शुक्ला, रामजी जायसवाल, बृजेंद्र कुमार पांडेय, अनन्त सिंह, अखिलेश सिंह, अंगद राही सहित पत्रकारों को श्री रावत ने सम्मानित करते हुए कहा कि, लोकतंत्र का चौथे स्तंभ पत्रकार साथी भी कोरोना फाइटर्स हैं। जो इस विषम परिस्थिति में भी विभिन्न माध्यमों से लोगों तक हर अपडेट एवं सही सूचनाएं पहुंचा रहे हैं। पत्रकार साथी अपनी धारदार कलम से लगातार लोगों को कोरोना महामारी के प्रति सजग कर रहे हैं।
श्री रावत ने कहा कि, इतिहास इस बात का गवाह है कि, जब-जब देश पर कोई संकट आया, पत्रकारों एवं साहित्यकारों ने निर्भीकता के साथ अपनी लेखनी से समाज को आईना दिखाने के साथ ही लोगों को धैर्य और संयम से काम लेने के लिए प्रेरित किया हैं। इस लॉकडाउन की अवधि में कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए, जिसके लिए कलम के सिपाहियों ने स्वयं गांव-गांव गली-गली जरूरतमंदों का पता लगाकर उन्हें शासन प्रशासन एवं समाजसेवियों से राहत किट एवं राशन सामग्री दिलाकर सराहनीय एवं मानवीय कार्य किया। वैसे भी रायबरेली हमेशा कलम और तलवार की धनी रही है।
कोरोना के विरुद्ध लड़ी जा रही जंग में जिस तरह से पत्रकार साथी अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। निश्चित रूप से पत्रकार साथियों का स्थान श्रेष्ठ है। जो वेतन भोगी न होते हुए भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से देश के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। जिसके लिए पत्रकार साथियों की जितनी सराहना की जाए कम है।
वहीं लॉकडाउन को लेकर श्री रावत ने संतोष व्यक्त करते कहा कि, बछरावां विधानसभा क्षेत्र के पत्रकार, वकील, प्रधान, बुद्धिजीवी एवं संभ्रांत नागरिक बहुत ही अच्छे तरीके से लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। प्रत्येक गांव में 15–20 ऐसे अच्छे जागरूक लोग हैं। जो स्वयं लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही दूसरों को भी लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। श्री रावत ने कहा कि, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि, जान है तो जहान है। अर्थात हम स्वयं बचे, अपने परिवार को बचाएं, अपने समाज को बचाएं, अपने देश और संपूर्ण मानव जाति को बचाएं।
वहीं इस मौके पर उपस्थित वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकिशोर तिवारी, रामविलास शुक्ला, विष्णु कुमार गोस्वामी, पंकज मिश्रा, ललित तिवारी, रतीपाल रावत, लल्लन सिंह, आशीष कुमार शुक्ला, कान्हा शुक्ला सहित लोगों को लॉकडाउन के दौरान दूसरों की मदद करने एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए श्री रावत ने अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
रायबरेली हमेशा कलम और तलवार की धनी रही है : रामनरेश रावत
रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस कोविड-19 को लेकर जहां लोगों के दिलों में खौफ है। वहीं डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मी, कलम के सिपाही पत्रकार एवं प्रशासनिक अधिकारी अपनी जान की परवाह किए बगैर दृढ़ संकल्प के साथ कोरोना के विरुद्ध जंग लड़ रहे हैं।
आपको बता दें कि, रविवार को सायंकाल बछरावां विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रामनरेश रावत ने कमला सदन भवानीगढ़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिवगढ़ क्षेत्र के सभी पत्रकारों को कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा कवच के रूप में अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
इस मौके पर उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार बृजेश कुमार शुक्ला, रामजी जायसवाल, बृजेंद्र कुमार पांडेय, अनन्त सिंह, अखिलेश सिंह, अंगद राही सहित पत्रकारों को श्री रावत ने सम्मानित करते हुए कहा कि, लोकतंत्र का चौथे स्तंभ पत्रकार साथी भी कोरोना फाइटर्स हैं। जो इस विषम परिस्थिति में भी विभिन्न माध्यमों से लोगों तक हर अपडेट एवं सही सूचनाएं पहुंचा रहे हैं। पत्रकार साथी अपनी धारदार कलम से लगातार लोगों को कोरोना महामारी के प्रति सजग कर रहे हैं।
श्री रावत ने कहा कि, इतिहास इस बात का गवाह है कि, जब-जब देश पर कोई संकट आया, पत्रकारों एवं साहित्यकारों ने निर्भीकता के साथ अपनी लेखनी से समाज को आईना दिखाने के साथ ही लोगों को धैर्य और संयम से काम लेने के लिए प्रेरित किया हैं। इस लॉकडाउन की अवधि में कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए, जिसके लिए कलम के सिपाहियों ने स्वयं गांव-गांव गली-गली जरूरतमंदों का पता लगाकर उन्हें शासन प्रशासन एवं समाजसेवियों से राहत किट एवं राशन सामग्री दिलाकर सराहनीय एवं मानवीय कार्य किया। वैसे भी रायबरेली हमेशा कलम और तलवार की धनी रही है।
कोरोना के विरुद्ध लड़ी जा रही जंग में जिस तरह से पत्रकार साथी अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। निश्चित रूप से पत्रकार साथियों का स्थान श्रेष्ठ है। जो वेतन भोगी न होते हुए भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से देश के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। जिसके लिए पत्रकार साथियों की जितनी सराहना की जाए कम है।
वहीं लॉकडाउन को लेकर श्री रावत ने संतोष व्यक्त करते कहा कि, बछरावां विधानसभा क्षेत्र के पत्रकार, वकील, प्रधान, बुद्धिजीवी एवं संभ्रांत नागरिक बहुत ही अच्छे तरीके से लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। प्रत्येक गांव में 15–20 ऐसे अच्छे जागरूक लोग हैं। जो स्वयं लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही दूसरों को भी लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। श्री रावत ने कहा कि, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि, जान है तो जहान है। अर्थात हम स्वयं बचे, अपने परिवार को बचाएं, अपने समाज को बचाएं, अपने देश और संपूर्ण मानव जाति को बचाएं।
वहीं इस मौके पर उपस्थित वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकिशोर तिवारी, रामविलास शुक्ला, विष्णु कुमार गोस्वामी, पंकज मिश्रा, ललित तिवारी, रतीपाल रावत, लल्लन सिंह, आशीष कुमार शुक्ला, कान्हा शुक्ला सहित लोगों को लॉकडाउन के दौरान दूसरों की मदद करने एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए श्री रावत ने अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।



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