रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: संपूर्ण लाकडाउन लागू होने के बाद पुलिस की व्यस्तता का फायदा उठाने में क्षेत्र के एक गांव में जुआरियों का दल सक्रिय हो गया है, और बड़ी तादात में राजापुर गांव के नाथ बाबा मंदिर पर कई सिफ्टों में सुबह से लेकर रात तक जुए का दौर धड़ल्ले से चल रहा है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां तो उड़ाई ही जा रही है। दूसरी तरफ जुआरी न मुंह पर मास्क लगाते हैं नहीं गमछा बांधते हैं, बल्कि इस खेल में नाबालिक बच्चे तक शामिल होकर अपना भविष्य चौपट कर रहे हैं। जुआरियों की सक्रियता से क्षेत्र में चोरी आग की घटनाओं के बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
आपको बता दें कि, मऊ से सटे हुए जौनपुर नहर के ठीक नीचे राजापुर गांव में नाथ बाबा का मंदिर बना हुआ है। जो लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां लॉक डाउन के चलते पूजा पाठ का काम नहीं हो रहा है। जिसका फायदा उठाते हुए गांव के ही कुछ सफेदपोशो ने जुए का व्यवसाय संचालित करने का बीड़ा उठाते हुए कारोबार शुरू कर दिया है।
गांव के पीड़ित लोगों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि, इस कारोबार में दर्जनों की संख्या में आसपास के गांवों के भी जुआरी भाग लेते हैं, और 10 बजे सुबह के बाद से शाम 7 बजे तक कई क्रम में जुआ खेला जाता है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि, जीत हार के इस खेल में रोजाना पचास हजार से एक लाख तक की बाजी लगाई जाती है। जिसके तहत कई घर तबाही के कगार पर पहुंच गए हैं। सफेद पोशो के खौफ से कोई इसकी जानकारी पुलिस को देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
वहीं गांव के संभ्रांत लोगों ने एसके इंडिया न्यूज़ के माध्यम से मांग की है कि, महराजगंज क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को आगाह कर यह गोरखधंधा बंद कराया जाए। ताकि क्षेत्र के युवा गलत राह पर ना चल सकें।
महराजगंज/रायबरेली: संपूर्ण लाकडाउन लागू होने के बाद पुलिस की व्यस्तता का फायदा उठाने में क्षेत्र के एक गांव में जुआरियों का दल सक्रिय हो गया है, और बड़ी तादात में राजापुर गांव के नाथ बाबा मंदिर पर कई सिफ्टों में सुबह से लेकर रात तक जुए का दौर धड़ल्ले से चल रहा है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां तो उड़ाई ही जा रही है। दूसरी तरफ जुआरी न मुंह पर मास्क लगाते हैं नहीं गमछा बांधते हैं, बल्कि इस खेल में नाबालिक बच्चे तक शामिल होकर अपना भविष्य चौपट कर रहे हैं। जुआरियों की सक्रियता से क्षेत्र में चोरी आग की घटनाओं के बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
आपको बता दें कि, मऊ से सटे हुए जौनपुर नहर के ठीक नीचे राजापुर गांव में नाथ बाबा का मंदिर बना हुआ है। जो लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां लॉक डाउन के चलते पूजा पाठ का काम नहीं हो रहा है। जिसका फायदा उठाते हुए गांव के ही कुछ सफेदपोशो ने जुए का व्यवसाय संचालित करने का बीड़ा उठाते हुए कारोबार शुरू कर दिया है।
गांव के पीड़ित लोगों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि, इस कारोबार में दर्जनों की संख्या में आसपास के गांवों के भी जुआरी भाग लेते हैं, और 10 बजे सुबह के बाद से शाम 7 बजे तक कई क्रम में जुआ खेला जाता है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि, जीत हार के इस खेल में रोजाना पचास हजार से एक लाख तक की बाजी लगाई जाती है। जिसके तहत कई घर तबाही के कगार पर पहुंच गए हैं। सफेद पोशो के खौफ से कोई इसकी जानकारी पुलिस को देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
वहीं गांव के संभ्रांत लोगों ने एसके इंडिया न्यूज़ के माध्यम से मांग की है कि, महराजगंज क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को आगाह कर यह गोरखधंधा बंद कराया जाए। ताकि क्षेत्र के युवा गलत राह पर ना चल सकें।

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